सर्दियों में पापड़ जैसी हो गई है त्वचा? महंगी क्रीम छोड़िए, अभ्यंग का जादू देखिए
News India Live, Digital Desk: सर्दियां आते ही एक समस्या हम सबके घर में बिन बुलाए मेहमान की तरह आ धमकती है रूखी और बेजान त्वचा (Dry Skin)। सुबह नहाकर निकलो, ढेर सारा मॉइस्चराइजर लगाओ, लेकिन दो घंटे बाद हाथ-पैर फिर से रूखे हो जाते हैं। अगर आप भी स्किन पर नाखून मारने से उभरने वाली 'सफेद लकीरों' और खुजली से परेशान हैं, तो अब वक्त है उन फैंसी बोतलों को किनारे रखने का और अपनी जड़ों (आयुर्वेद) की ओर लौटने का।
आज हम जिस समाधान की बात कर रहे हैं, उसे आयुर्वेद की भाषा में 'अभ्यंग' (Abhyanga) कहते हैं। सुनने में भारी-भरकम लग रहा है ना? लेकिन आसान भाषा में इसका मतलब है—नहाने से पहले पूरे शरीर की तेल मालिश।
मॉइस्चराइजर vs तेल मालिश: कौन है बेहतर?
हम अक्सर गलती क्या करते हैं? हम नहाने के बाद लोशन लगाते हैं। ठंड में हवा हमारी स्किन की नमी चुरा लेती है, और पानी वाले लोशन ज्यादा देर टिक नहीं पाते।
लेकिन 'अभ्यंग' का विज्ञान अलग है। जब आप नहाने से 15-20 मिनट पहले गर्म तेल से शरीर की मालिश करते हैं, तो यह तेल आपकी त्वचा की गहराई (Deep Tissues) तक जाता है। उसके बाद जब आप गुनगुने पानी से नहाते हैं, तो रोम छिद्र (Pores) खुल जाते हैं और तेल अंदर तक समा जाता है। नतीजा? ऐसी नमी जो 24 घंटे टिकी रहती है।
कौन सा तेल है सबसे बेस्ट?
आपको इसके लिए कोई महंगा इंपोर्टेड तेल खरीदने की जरूरत नहीं है।
- तिल का तेल (Sesame Oil): आयुर्वेद में इसे सर्दियों का राजा माना गया है। इसकी तासीर गर्म होती है, जो ठंड को हड्डियों में घुसने से रोकती है।
- सरसों का तेल (Mustard Oil): उत्तर भारत के हर घर में मिलने वाला यह तेल स्किन इन्फेक्शन और खुश्की का सबसे बड़ा दुश्मन है।
- नारियल या बादाम तेल: अगर आपको चिपचिपाहट पसंद नहीं, तो आप इनका इस्तेमाल कर सकते हैं।
अभ्यंग करने का सही और आसान तरीका
इस काम को बोझ न समझें, इसे एक 'रिलैक्सेशन थेरेपी' मानें:
- एक कटोरी में थोड़ा सा तेल गुनगुना कर लें।
- सिर से शुरू करते हुए पैरों के तलवों तक हल्के हाथों से गोल-गोल मालिश करें।
- जोड़ो (Joints) और सूखी जगहों पर थोड़ा ज्यादा वक्त दें।
- कम से कम 15 मिनट तक इसे स्किन पर लगा रहने दें ताकि शरीर इसे सोख ले।
- फिर गुनगुने पानी (ज्यादा गर्म नहीं) से नहा लें। साबुन का इस्तेमाल कम करें या मुल्तानी मिट्टी/उबटन का प्रयोग करें।
सिर्फ त्वचा ही नहीं, मन भी होता है शांत
यकीन मानिए, 'अभ्यंग' सिर्फ स्किन को ही मुलायम नहीं बनाता, बल्कि यह थकान मिटाने और अच्छी नींद लाने में भी मदद करता है। आयुर्वेद कहता है कि यह शरीर में बढ़े हुए 'वात दोष' (Vata Dosha) को शांत करता है, जो रूखेपन और चिड़चिड़ेपन का मुख्य कारण है।
तो इस सर्दी, अपनी मेहनत की कमाई केमिकल वाली क्रीम्स पर उड़ाने के बजाय, सरसों या तिल के तेल की एक बोतल खरीद लाएं। आपकी त्वचा आपको 'थैंक यू' कहेगी!