अलवर में रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा, स्कूल बस और पिकअप की आमने-सामने की भिड़ंत
News India Live, Digital Desk : आज राजस्थान के अलवर जिले से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। शुक्रवार सुबह, जब बच्चे अपने स्कूल की ओर जा रहे थे, तभी अलवर के एक व्यस्त मार्ग पर रफ़्तार के कहर ने कई परिवारों की धड़कनें तेज कर दीं। एक स्कूली बस और पिकअप गाड़ी के बीच इतनी जोरदार टक्कर हुई कि धमाके की आवाज़ सुनकर आस-पास के लोग सिहर उठे।
हादसे की खबर मिलते ही चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। आइए जानते हैं क्या है अभी ताज़ा स्थिति और कैसा है घायलों का हाल।
हादसा और मौके का मंज़र
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। चूँकि मामला मासूम बच्चों से जुड़ी स्कूल बस का था, इसलिए स्थानीय लोग अपनी गाड़ियाँ रोककर तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। बच्चों के चीखने-चिल्लाने की आवाज़ें सुनकर मौके पर मौजूद हर किसी की आँखें नम हो गईं।
ड्राइवर की हालत बनी चिंता का विषय
इस दुखद घटना में पिकअप ड्राइवर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है। उसे काफी गहरी चोटें आई हैं और उसे तुरंत नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसे क्रिटिकल केयर यूनिट में रखा गया है। फिलहाल डॉक्टर उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। वहीं बस में सवार कुछ बच्चों को भी मामूली चोटें आई हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सूचना मिलते ही अलवर पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारू कराया। शुरुआती जांच में हादसे की मुख्य वजह 'रफ्तार का जुनून' या ओवरटेकिंग बताई जा रही है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या किसी तकनीकी खराबी के कारण यह एक्सीडेंट हुआ या यह मानवीय लापरवाही का नतीजा है।
सुरक्षा पर उठते सवाल
अक्सर सड़कों पर हम अपनी थोड़े से समय की बचत के लिए रफ्तार का सहारा लेते हैं, लेकिन जब निशाना एक स्कूली बस बनती है, तो मामला काफी गंभीर हो जाता है। अलवर के निवासियों में इस बात को लेकर खासा गुस्सा है कि घनी आबादी वाले इलाकों या स्कूल के रास्तों पर गाड़ियाँ इतनी तेज़ क्यों चलाई जाती हैं?
2026 की शुरुआत में ही सड़क सुरक्षा को लेकर यह एक बड़ा अलर्ट है। हमारी पूरी संवेदना उन बच्चों और उनके परिजनों के साथ है, जो इस सदमे से गुज़रे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि घायल ड्राइवर की हालत में जल्द सुधार हो और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रशासन कड़े कदम उठाए।
आपका इस घटना पर क्या कहना है? क्या हमारे बच्चों का स्कूल का सफर सच में सुरक्षित है? अपनी राय हमें कमेंट्स में जरूर बताएं।