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March 18 2026 03:06 pm

Sharadiya Navratri 2025 : घटस्थापना में मिट्टी का कलश शुभ या धातु का? जानें सही नियम

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News India Live, Digital Desk: Sharadiya Navratri 2025 :  शक्ति की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि का इंतजार हर भक्त को बेसब्री से रहता है। यह नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा, व्रत और अनुष्ठानों के लिए समर्पित होते हैं। नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना या कलश स्थापना के साथ होती है, जो इस पर्व का सबसे महत्वपूर्ण विधान है। माना जाता है कि यदि सही विधि और मुहूर्त में कलश स्थापना न की जाए, तो पूजा और व्रत का पूरा फल नहीं मिलता।

साल 2025 में शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर, सोमवार से प्रारंभ हो रही है। ऐसे में भक्तों के मन में कलश स्थापना को लेकर कई सवाल उठते हैं, जिनमें से एक सबसे आम सवाल यह है कि स्थापना के लिए मिट्टी का कलश इस्तेमाल करना चाहिए या किसी धातु का? आइए जानते हैं शास्त्र इस बारे में क्या कहते हैं।

मिट्टी का कलश क्यों माना जाता है श्रेष्ठ?

शास्त्रों और परંપરાओं में नवरात्रि की कलश स्थापना के लिए मिट्टी के कलश को सबसे शुद्ध और उत्तम माना गया है। इसके पीछे कई गहरे आध्यात्मिक कारण हैं:

  • प्रकृति से जुड़ाव: मिट्टी को मां पृथ्वी का स्वरूप माना जाता है और इसे सबसे पवित्र तत्वों में से एक गिना जाता है। मिट्टी के कलश का उपयोग हमें प्रकृति से जोड़ता है।
  • जीवन का प्रतीक: जिस तरह मिट्टी में बोया गया बीज अंकुरित होकर जीवन का संचार करता है, उसी तरह मिट्टी के कलश में देवी मां का आवाहन कर हम घर में सुख-समृद्धि के अंकुरण की प्रार्थना करते हैं।
  • शुद्धता: मिट्टी प्राकृतिक रूप से शुद्ध होती है और इसमें किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा नहीं होती।

इसलिए, यदि संभव हो तो हमेशा मिट्टी के नए कलश का ही प्रयोग करना चाहिए।

क्या धातु के कलश का कर सकते हैं इस्तेमाल?

कई बार मिट्टी का कलश उपलब्ध नहीं हो पाता या उसके टूटने का डर रहता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या धातु का कलश इस्तेमाल कर सकते हैं? जी हां, शास्त्रों के अनुसार आप धातु के कलश का भी प्रयोग कर सकते हैं, लेकिन इसमें कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी है।

  • कौन सी धातु है शुभ: घटस्थापना के लिए सोना, चांदी, तांबा या पीतल के कलश को शुभ माना जाता है। इन धातुओं को शुद्ध और पवित्र माना गया है और इनमें देवी-देवताओं का वास होता है।
    • तांबा: देवी का वाहन सिंह है और तांबे को सिंह राशि की धातु माना जाता है, इसलिए तांबे का कलश बहुत शुभ होता है। यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है।
    • पीतल: पीतल को भी पवित्र माना जाता है और यह देवताओं को प्रिय है। पीतल के बर्तन घर में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं।
    • सोना-चांदी: इन धातुओं को समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। अगर आप सामर्थ्यवान हैं तो सोने या चांदी के कलश की स्थापना भी कर सकते हैं।
  • किस धातु का प्रयोग है वर्जित: इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कलश स्थापना में भूलकर भी लोहे या स्टील के कलश का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पूजा-पाठ में इन धातुओं को शुभ नहीं माना जाता है।

घटस्थापना शुभ मुहूर्त 2025

शारदीय नवरात्रि 2025 में कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त 22 सितंबर, सोमवार को है।

  • प्रातः काल मुहूर्त: सुबह 06 बजकर 09 मिनट से सुबह 08 बजकर 06 मिनट तक।
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक।