Shashi Tharoor clarifies : 2021 में भारत-पाक सीमा पर शांति किसी अमेरिकी नेता के कारण नहीं
- by Archana
- 2025-08-20 11:25:00
News India Live, Digital Desk: Shashi Tharoor clarifies : कांग्रेस नेता शशि थरूर ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) के समन्वयक जॉन किर्बी के एक बयान का खंडन किया है, जिसमें किर्बी ने संकेत दिया था कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन और रूस के बीच 2021 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम के लिए शांति वार्ता में "बहुत बड़ी भूमिका" निभाई थी। थरूर ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच वास्तविक शांति का श्रेय 'सफल स्ट्राइकों' को जाता है, न कि किसी एक अमेरिकी नेता के हस्तक्षेप को।
थरूर ने किर्बी के बयान को "गैर-सूचित या जानबूझकर गलत" बताया। उन्होंने कहा कि "सफल स्ट्राइकों" ने 2021 के युद्धविराम को सुनिश्चित किया, यह किसी बाहरी व्यक्ति के हस्तक्षेप का परिणाम नहीं था। थरूर के इस बयान से स्पष्ट होता है कि भारत की अपनी रक्षा क्षमताओं और रणनीतिक कार्रवाइयों ने स्थिति को शांत करने में निर्णायक भूमिका निभाई।
किर्बी ने अपने बयान में कहा था कि "2021 में, उन्होंने (डोनाल्ड ट्रंप) भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर में सीमा के संबंध में कुछ वास्तव में कठिन वार्ताएं की थीं, जिसने आज तक उस विवाद को कम करने में एक भूमिका निभाई है।" उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया था कि "वास्तव में मजबूत नेता संघर्षों को समाप्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, और यह जरूरी नहीं है कि वे हमेशा एक आधिकारिक भूमिका में हों।" थरूर का खंडन दर्शाता है कि भारत अपने संप्रभु मामलों में बाहरी हस्तक्षेप के ऐसे दावों को स्वीकार नहीं करता है।
यह विवादित टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत यूक्रेन युद्ध पर वैश्विक स्तर पर अपने दृष्टिकोण को मजबूती से रख रहा है। थरूर का बयान भारतीय विदेश नीति की स्वतंत्रता और अपनी समस्याओं को खुद हल करने की क्षमता को दर्शाता है।
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