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April 14 2026 04:58 pm

Shani Jayanti 2026 : शनि जयंती पर बन रहा है दुर्लभ संयोग, जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त

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News India Live, Digital Desk: हिंदू धर्म में शनि देव को न्याय का देवता और कर्मफल दाता माना गया है। ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को शनि जन्मोत्सव यानी 'शनि जयंती' के रूप में मनाया जाता है। साल 2026 में शनि जयंती बेहद खास होने वाली है क्योंकि इस दिन ग्रहों की स्थिति कई राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाली साबित होगी। यदि आप पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, तो यह दिन शनि देव को प्रसन्न करने और उनके कष्टों से मुक्ति पाने का सबसे उत्तम अवसर है।

शनि जयंती 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या की शुरुआत और समाप्ति का समय इस प्रकार रहेगा:

अमावस्या तिथि प्रारंभ: 15 मई 2026, सुबह 08:34 बजे से

अमावस्या तिथि समाप्त: 16 मई 2026, सुबह 06:18 बजे तक

उदया तिथि: उदया तिथि के अनुसार शनि जयंती 15 मई 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी।

पूजा का शुभ समय: सुबह 07:12 बजे से 10:45 बजे तक और शाम को 06:50 बजे से 08:15 बजे तक।

शनि जयंती पूजा विधि: कैसे करें प्रसन्न?

शनि जयंती के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और काले रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद किसी शनि मंदिर में जाकर निम्न विधि से पूजा करें:

शनि देव की प्रतिमा पर सरसों का तेल अर्पित करें।

उन्हें काले तिल, नीले फूल, शमी पत्र और काली उड़द की दाल चढ़ाएं।

शनि चालीसा का पाठ करें और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।

पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं और सात बार परिक्रमा करें।

सावधान! शनि जयंती पर भूलकर भी न करें ये गलतियां (Precautions)

शनि देव की पूजा में सावधानी बरतना बहुत जरूरी है, वरना लाभ की जगह नुकसान हो सकता है:

आंखों में न देखें: पूजा करते समय कभी भी शनि देव की मूर्ति की आंखों में सीधे न देखें। हमेशा अपनी नजरें उनके चरणों की ओर रखें।

लोहा और तेल न खरीदें: इस दिन घर में लोहा, तेल या नमक खरीदकर न लाएं। यह दरिद्रता का कारण बन सकता है।

तामसिक भोजन से बचें: शनि जयंती के दिन मांस, मदिरा और नशीले पदार्थों का सेवन सख्त वर्जित है।

कमजोर को न सताएं: शनि देव उन लोगों से बहुत नाराज होते हैं जो गरीब, असहाय या जानवरों को परेशान करते हैं।

इन राशियों को मिलेगी विशेष राहत

साल 2026 में मीन, कुंभ और मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा, जबकि कर्क और वृश्चिक राशि पर ढैय्या का साया होगा। इन पांच राशियों के जातकों के लिए शनि जयंती के दिन दान-पुण्य करना रामबाण की तरह काम करेगा। इस दिन काले छाते, जूते-चप्पल या काले कंबल का दान करना विशेष फलदायी माना गया है।