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April 25 2026 06:41 am

TCS BPO में शर्मनाक करतूत कीपैड सिखाने के बहाने युवती से छेड़छाड़, सहकर्मी आसिफ पर गंभीर आरोप

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News India Live, Digital Desk: कॉर्पोरेट जगत की जानी-मानी कंपनी टीसीएस (TCS) के बीपीओ (BPO) सेक्टर से एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ काम करने वाली एक युवती ने अपने ही सहकर्मी आसिफ पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी उसे काम सिखाने और कीपैड ऑपरेट करने के बहाने गलत तरीके से छूता था। युवती ने अब अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पुलिस और प्रबंधन के सामने अपना दर्द बयां किया है, जिसके बाद हड़कंप मच गया है।

काम सिखाने के बहाने गंदी हरकत

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह हाल ही में कंपनी में शामिल हुई थी। आरोपी आसिफ वहां उसका सीनियर या अनुभवी सहकर्मी था। पीड़िता का आरोप है कि जब भी वह काम के सिलसिले में उससे कुछ पूछती या कीपैड पर टाइपिंग सीखती, तो आसिफ जानबूझकर उसके करीब आता था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि 'कीपैड' समझाने के बहाने आरोपी उसके निजी अंगों को छूने की कोशिश करता था। शुरुआत में युवती ने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन जब यह हरकत बार-बार होने लगी, तो उसे समझ आया कि यह कोई गलती नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश है।

ऑफिस में विरोध करने पर मिली धमकी

युवती का कहना है कि जब उसने आसिफ की इन हरकतों का विरोध किया, तो उसे डराने-धमकाने की कोशिश की गई। पीड़िता के मुताबिक, ऑफिस के माहौल में वह काफी डरी और सहमी हुई थी। आरोपी की हिम्मत इतनी बढ़ गई थी कि वह सार्वजनिक रूप से ऑफिस के भीतर ही छेड़छाड़ करने लगा था। हारकर युवती ने अपनी आपबीती सोशल मीडिया और पुलिस के साथ साझा करने का फैसला किया ताकि अन्य लड़कियां भी ऐसे 'भेड़ियों' से सावधान रह सकें।

कंपनी के आंतरिक माहौल पर सवाल

इतनी बड़ी कंपनी के भीतर महिला सुरक्षा को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। टीसीएस जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee - ICC) होने के बावजूद, ऐसी घटना का होना सुरक्षा दावों की पोल खोलता है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी आसिफ से पूछताछ की जा रही है। कंपनी प्रबंधन ने भी इस मामले में आंतरिक जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है।

महिला सुरक्षा और कॉर्पोरेट कानून

इस घटना ने एक बार फिर कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (POSH Act) के सख्त क्रियान्वयन की जरूरत को रेखांकित किया है। कानूनी जानकारों का कहना है कि अगर कोई सहकर्मी काम सिखाने के नाम पर शारीरिक मर्यादा का उल्लंघन करता है, तो यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सहकर्मियों के बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।