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March 18 2026 02:25 pm

अक्टूबर-नवंबर 2025 में पंचक का साया, जानें कब-कब रहेगा अशुभ समय और क्या बरतें सावधानियां

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News India Live, Digital Desk: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ काम को करने से पहले शुभ-अशुभ मुहूर्त देखने की परंपरा सदियों पुरानी है। ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे समय होते हैं, जब कोई भी मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है। ऐसा ही एक अशुभ समय होता है 'पंचक'। साल 2025 के अक्टूबर और नवंबर महीने में पंचक का ऐसा संयोग बन रहा है जिसे लेकर सावधान रहना बेहद जरूरी है।

ज्योतिष गणना के अनुसार, जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र में गोचर करता है, तो इस अवधि को पंचक कहा जाता है। यह समय लगभग पांच दिनों का होता है और इस दौरान कुछ विशेष कार्यों को करने की सख्त मनाही होती है। मान्यता है कि पंचक में किए गए अशुभ कार्य का प्रभाव पांच गुना तक बढ़ जाता है।

अक्टूबर 2025 में दो बार लगेगा पंचक

इस साल अक्टूबर का महीना ज्योतिष की दृष्टि से बहुत खास है, क्योंकि इस महीने में दो बार पंचक का योग बन रहा है।

  • पहला पंचक (चोर पंचक): यह पंचक 4 अक्टूबर, शनिवार की रात 10:09 बजे से शुरू होगा और 9 अक्टूबर, गुरुवार की सुबह 10:35 बजे तक रहेगा। शनिवार से शुरू होने के कारण इसे 'चोर पंचक' कहा जाता है। इस दौरान यात्रा करने, पैसों का लेन-देन करने और किसी भी तरह का नया निवेश करने से बचना चाहिए।
  • दूसरा पंचक (राज पंचक): महीने का दूसरा पंचक 31 अक्टूबर, शुक्रवार की देर रात 02:26 बजे से शुरू होगा और 5 नवंबर, बुधवार की सुबह 05:43 बजे तक चलेगा। शुक्रवार से शुरू होने वाला पंचक 'राज पंचक' कहलाता है। हालांकि यह पंचक शुभ माना जाता है और इसमें सरकारी काम और संपत्ति से जुड़े मामले निपटाए जा सकते हैं, फिर भी अन्य मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए।

नवंबर 2025 का पंचक

नवंबर महीने में पंचक 28 नवंबर, शुक्रवार को सुबह 08:02 बजे से शुरू होगा और 2 दिसंबर, मंगलवार की रात 11:43 बजे समाप्त होगा।

पंचक के दौरान भूलकर भी न करें ये 5 काम

शास्त्रों के अनुसार, पंचक के इन पांच दिनों में कुछ कार्यों को करना वर्जित माना गया है:

  1. लकड़ी इकट्ठा करना: पंचक के दौरान लकड़ी या लकड़ी से बना सामान खरीदना या घर की छत बनवाना अशुभ माना जाता है।
  2. दक्षिण दिशा की यात्रा: इस समय में दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए क्योंकि यह यम की दिशा मानी जाती है।
  3. बिस्तर या चारपाई बनवाना: पंचक के दौरान बिस्तर या पलंग खरीदना या बनवाना एक बड़ा दोष माना जाता है।
  4. शव का दाह संस्कार: मान्यता है कि यदि पंचक में किसी की मृत्यु हो जाए तो दाह संस्कार के समय आटे या कुश के पांच पुतले बनाकर उनका भी अंतिम संस्कार करना चाहिए, ताकि परिवार पर आने वाला संकट टल जाए।
  5. नए घर की छत डालना: पंचक काल में घर की छत ढलवाना अशुभ माना जाता है और इससे घर में क्लेश और धन की हानि हो सकती है।

इसलिए, अक्टूबर और नवंबर के इन पंचक कालों में विशेष सावधानी बरतें और किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले किसी विद्वान ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें।