SGPC Budget 2026-27: 1487 करोड़ का भारी-भरकम बजट पास, बंदी सिंहों की रिहाई और सिख पहचान पर आर-पार के मूड में कमेटी
News India Live, Digital Desk: सिखों की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने शनिवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,487.41 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पारित कर दिया है। अमृतसर के तेजा सिंह समुंद्री हॉल में आयोजित इस बजट सत्र की अध्यक्षता एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने की। इस बार के बजट में पिछले साल के मुकाबले 7.28% की बढ़ोतरी की गई है। बजट सत्र के दौरान न केवल शिक्षा और धर्म प्रचार पर जोर दिया गया, बल्कि केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ कई कड़े राजनीतिक और धार्मिक प्रस्ताव भी पारित किए गए।
बंदी सिंहों की रिहाई और सरकार पर तीखा हमला
बजट सत्र के दौरान पारित किए गए प्रस्तावों में 'बंदी सिंहों' (सजा पूरी कर चुके सिख कैदी) की रिहाई का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। एसजीपीसी ने केंद्र और राज्य सरकार के 'अड़ियल और भेदभावपूर्ण' रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की। प्रस्ताव में मांग की गई कि बलवंत सिंह राजोआना की सजा को कम किया जाए और गुरुदीप सिंह खेड़ा सहित अन्य कैदियों को तुरंत रिहा किया जाए। धामी ने स्पष्ट किया कि दशकों से जेलों में बंद सिखों को न्याय न देना मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
करतारपुर कॉरिडोर और 'सिख पहचान' पर प्रस्ताव
सदन ने एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव के जरिए पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के कॉरिडोर को तुरंत पूरी तरह से खोलने की मांग की। कमेटी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण कॉरिडोर का बंद होना सिखों की धार्मिक भावनाओं को गहरी चोट पहुंचा रहा है। इसके अलावा, एसजीपीसी ने उन घटनाओं पर भी चिंता जताई जहां परीक्षाओं के दौरान सिख छात्रों को 'ककार' (धार्मिक प्रतीक) उतारने के लिए मजबूर किया गया। कमेटी ने इसे सिख पहचान पर हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बेअदबी कानून और AI के दुरुपयोग पर चिंता
पंजाब सरकार द्वारा बेअदबी के मामलों में प्रस्तावित नए कानून और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयानों पर भी सदन ने नाराजगी जाहिर की। प्रस्ताव में कहा गया कि सरकार जांच में गंभीरता दिखाने के बजाय केवल राजनीति कर रही है। वहीं, तकनीक के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए सिख भावनाओं को आहत करने वाले कंटेंट पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार से एक सख्त नीति बनाने की अपील की गई है।
बजट की बड़ी बातें: कहां खर्च होगा कितना पैसा?
एसजीपीसी ने इस बार स्वास्थ्य, शिक्षा और धर्म प्रचार के लिए खजाना खोल दिया है। बजट के मुख्य आवंटन इस प्रकार हैं:
गुरुद्वारों का प्रबंधन: 1,127.34 करोड़ रुपये।
धर्म प्रचार कमेटी: 120 करोड़ रुपये।
नई सरायों का निर्माण (स्वर्ण मंदिर के पास): 33 करोड़ रुपये।
सिख बच्चों की मुफ्त शिक्षा: 12.50 करोड़ रुपये।
पंथक कल्याण (निहंग जत्थेबंदियों और कैदियों की मदद): 7.61 करोड़ रुपये।