Serious allegations against Prashant Kishor: कोर्ट में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज
- by Archana
- 2025-08-07 14:49:00
News India Live, Digital Desk: चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर एक नए कानूनी विवाद में फंस गए हैं। बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आरोप लगाया है कि प्रशांत किशोर के खिलाफ पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी न्यायालय में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े धाराओं (आईपीसी 467, 468, 471, 420, 406, 120बी) के तहत एक आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है। यह आरोप उन दावों से जुड़े हैं कि प्रशांत किशोर ने 'आपदा मुक्ति' नामक अपनी कथित सामाजिक संस्था के लिए लिए गए करोड़ों रुपये का सही ढंग से उपयोग नहीं किया।
बीजेपी के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद विवेक ठाकुर ने दावा किया कि प्रशांत किशोर को 'आपदा मुक्ति' नाम की संस्था का विज्ञापन करने और समाज सेवा के नाम पर लोगों से जुड़ने के लिए लाखों-करोड़ों रुपये मिले थे। आरोप है कि यह राशि पूरी तरह से "अनुत्पादक" साबित हुई और कोई वास्तविक समाज सेवा या सामाजिक उत्थान का काम नहीं हुआ, जिसके लिए यह राशि ली गई थी। इस मामले में संतोष कुमार झा नाम के एक व्यक्ति ने प्रशांत किशोर और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें दावा किया गया है कि धोखाधड़ी की इस योजना के परिणामस्वरूप उसे भी "हानि" हुई है।
विवेक ठाकुर ने प्रशांत किशोर की राजनीतिक यात्रा पर भी टिप्पणी की और कहा कि वह किसी भी पार्टी या गठबंधन में स्थिर नहीं रह पाते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी से भी संबंध तोड़े थे, जिसके बाद वह जनता दल (यूनाइटेड), कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, और राष्ट्रीय जनता दल जैसी पार्टियों के साथ जुड़े और बाद में उनसे भी दूरी बना ली। विवेक ठाकुर ने प्रशांत किशोर पर हमेशा सुर्खियों में बने रहने के लिए विभिन्न प्रकार की राजनीति करने का आरोप लगाया और इस कानूनी मामले को उनके "पाखंडी और भ्रम पैदा करने वाले चरित्र" का परिणाम बताया।
इस मामले के दर्ज होने से प्रशांत किशोर की छवि पर निश्चित तौर पर असर पड़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब वह बिहार में 'जन सुराज यात्रा' के माध्यम से राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। फिलहाल, कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी।
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