Senior Citizen Smart Card 2026: अब बुजुर्गों के पास भी होगा अपना 'डिजिटल सुरक्षा कवच', एक कार्ड से मिलेंगी रेलवे, बैंक और अस्पताल में ढेरों सुविधाएं

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नेशनल डेस्क, नई दिल्ली। भारत सरकार ने देश के बुजुर्गों के सम्मान और सुविधा के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों के लिए सीनियर सिटीजन स्मार्ट कार्ड (Senior Citizen Smart Card) की शुरुआत की गई है। यह कार्ड आधार कार्ड की तरह ही एक महत्वपूर्ण डिजिटल दस्तावेज होगा, जो न केवल आपकी पहचान पुख्ता करेगा, बल्कि सरकारी और निजी क्षेत्रों में आपको 'वीआईपी' प्राथमिकता भी दिलाएगा। 2026 में लागू इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बुजुर्गों को लंबी लाइनों और जटिल कागजी कार्रवाई से मुक्ति दिलाना है।

सीनियर सिटीजन स्मार्ट कार्ड क्या है?

यह केंद्र सरकार द्वारा जारी एक विशेष पहचान पत्र है जो पूरी तरह से डिजिटल और सुरक्षित है। यह कार्ड आपके आधार डेटा से लिंक होगा, जिसमें आपकी मेडिकल हिस्ट्री, इमरजेंसी कॉन्टैक्ट और पते जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज रहेंगी। इसे देशभर के सभी सरकारी कार्यालयों, बैंकों, अस्पतालों और एयरपोर्ट्स पर मान्यता दी गई है।

स्मार्ट कार्ड से मिलने वाले 5 बड़े फायदे

इस कार्ड को जेब में रखने का मतलब है सुविधाओं का खजाना। आइए जानते हैं इससे आपको क्या-क्या लाभ मिलेंगे:

बैंकिंग में प्राथमिकता: बैंकों में अब बुजुर्गों को घंटों इंतजार नहीं करना होगा। इस कार्ड के जरिए आपको विशेष काउंटर पर प्राथमिकता मिलेगी और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर 0.50% तक अतिरिक्त ब्याज का लाभ भी मिलेगा।

स्वास्थ्य सुविधाएं: सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और निजी अस्पतालों में भारी डिस्काउंट। साथ ही, दवाइयों पर विशेष रियायत मिलेगी।

सस्ता और सुखद सफर: रेलवे और हवाई यात्रा के टिकटों में विशेष छूट के साथ-साथ बस किराए में भी रियायत मिलेगी। एयरपोर्ट और स्टेशनों पर व्हीलचेयर और अन्य सहायक सेवाएं प्राथमिकता पर मिलेंगी।

टैक्स में बड़ी राहत: वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयकर सीमा में छूट और ₹50,000 तक के ब्याज पर टैक्स कटौती (Section 80TTB) का लाभ।

यूटिलिटी बिल में छूट: बिजली, पानी और टेलीफोन बिलों के भुगतान में विशेष रियायत और प्राथमिकता।

पात्रता और जरूरी दस्तावेज

इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ बुनियादी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:

आयु: आवेदक की उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

निवासी: आवेदक भारत का स्थायी निवासी होना चाहिए।

जरूरी कागज: आधार कार्ड, हाल ही की पासपोर्ट साइज फोटो, जन्म प्रमाण पत्र (या पैन कार्ड/वोटर आईडी), और निवास प्रमाण पत्र।

ऑनलाइन आवेदन की आसान प्रक्रिया (Step-by-Step)

अब आपको दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, आप घर बैठे आवेदन कर सकते हैं:

अपने राज्य की आधिकारिक सेवा पोर्टल (जैसे National Government Services Portal) पर जाएं।

'Senior Citizen Identity Card' के विकल्प पर क्लिक करें।

अपना नाम, आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज कर रजिस्ट्रेशन करें।

आवेदन फॉर्म में सभी मांगी गई जानकारियां भरें और अपने दस्तावेज (आधार, फोटो आदि) स्कैन करके अपलोड करें।

फॉर्म सबमिट करने के बाद आपको एक एप्लीकेशन नंबर मिलेगा, जिससे आप अपने कार्ड का स्टेटस ट्रैक कर सकेंगे।

योजना का मुख्य उद्देश्य

सरकार का लक्ष्य एक ऐसा 'ईकोसिस्टम' तैयार करना है जहां बुजुर्गों को किसी भी सेवा के लिए भटकना न पड़े। यह कार्ड डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो वरिष्ठ नागरिकों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित महसूस कराता है। 2026 की इस पहल से समाज में बुजुर्गों के योगदान को एक नया सम्मान मिला है।