SBI FD Scheme 2026: मात्र ₹1 लाख की FD से बनेगा बड़ा फंड! सुरक्षित निवेश के साथ पाएं शानदार रिटर्न, जानें क्या है नई योजना

Post

बिजनेस डेस्क। सुरक्षित निवेश और गारंटीड रिटर्न की चाह रखने वाले करोड़ों भारतीयों के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) स्कीम्स हमेशा से पहली पसंद रही हैं। साल 2026 में एसबीआई ने अपनी एफडी योजनाओं को और भी आकर्षक बनाया है। यदि आप शेयर बाजार के जोखिम से दूर रहकर अपनी गाढ़ी कमाई को बढ़ाना चाहते हैं, तो SBI FD Scheme 2026 आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। महज ₹1 लाख का एकमुश्त निवेश कर आप मैच्योरिटी पर एक मोटी रकम हासिल कर सकते हैं।

SBI FD 2026: आकर्षक ब्याज और कंपाउंडिंग का जादू

एसबीआई की इस नई स्कीम की सबसे बड़ी खासियत इसकी आकर्षक ब्याज दरें और कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि) का लाभ है।

वरिष्ठ नागरिकों को लाभ: बैंक ने सीनियर सिटीजंस के लिए सामान्य से 0.50% अधिक ब्याज देने की परंपरा को बरकरार रखा है।

अवधि का विकल्प: आप अपनी जरूरत के हिसाब से 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि चुन सकते हैं। लंबी अवधि के निवेश पर कंपाउंडिंग के कारण रिटर्न काफी बढ़ जाता है।

₹1 लाख के निवेश पर कितना मिलेगा रिटर्न?

यदि आप ₹1 लाख की राशि को एसबीआई की एफडी में जमा करते हैं, तो मिलने वाला फंड आपकी चुनी हुई अवधि और ब्याज दर पर निर्भर करेगा।

लंबी अवधि का फायदा: उदाहरण के तौर पर, यदि ब्याज दर 7% के आसपास रहती है, तो 5 से 10 साल की मैच्योरिटी पर आपका ₹1 लाख बढ़कर काफी ज्यादा हो जाएगा।

स्थिरता: बाजार के उतार-चढ़ाव का आपकी एफडी पर कोई असर नहीं पड़ता, जिससे आपको पहले दिन से ही पता होता है कि मैच्योरिटी पर कितनी रकम हाथ में आएगी।

किन लोगों के लिए सबसे बेस्ट है यह स्कीम?

यह योजना उन निवेशकों के लिए 'सिल्वर बुलेट' की तरह है जो पूंजी की 100% सुरक्षा चाहते हैं:

रिटायर्ड कर्मचारी: पेंशन के पैसे को सुरक्षित रखकर मासिक ब्याज पाने के लिए।

मिडिल क्लास परिवार: बच्चों की शिक्षा या शादी के लिए लक्ष्य आधारित बचत के लिए।

कम जोखिम चाहने वाले: वे लोग जो म्यूचुअल फंड या स्टॉक मार्केट के रिस्क से बचना चाहते हैं।

निवेश से पहले इन 3 बातों का रखें ध्यान

एसबीआई एफडी में पैसा लगाने से पहले कुछ नियमों को समझना जरूरी है:

प्री-मैच्योर विड्रॉल: यदि आप समय से पहले पैसे निकालते हैं, तो बैंक कुछ पेनल्टी काट सकता है।

टैक्स (TDS): एफडी से मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है। यदि ब्याज एक सीमा से अधिक है, तो टीडीएस काटा जाएगा। इससे बचने के लिए आप फॉर्म 15G/15H जमा कर सकते हैं।

ब्याज भुगतान: आप मासिक, त्रैमासिक या मैच्योरिटी पर एक साथ ब्याज लेने का विकल्प चुन सकते हैं।

भविष्य की जरूरतों के लिए एक भरोसेमंद साथी

एसबीआई की विश्वसनीयता और सरकारी बैंक होने का भरोसा इस स्कीम को सबसे मजबूत बनाता है। घर खरीदने की प्लानिंग हो या रिटायरमेंट के बाद का सुकून, एसबीआई एफडी 2026 आपके वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में रीढ़ की हड्डी साबित हो सकती है।