Kota Building Collapse: कोटा में बड़ा हादसा! तीन मंजिला इमारत ढहने से 2 की मौत, मलबे में दबे कई लोग; रेस्तरां में मची चीख-पुकार

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कोटा। राजस्थान के कोचिंग हब कहे जाने वाले कोटा शहर के तलवंडी इलाके में शनिवार (7 फरवरी) की रात एक भीषण हादसा हो गया। यहां एक तीन मंजिला पुरानी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं। जिस समय यह हादसा हुआ, इमारत के भूतल (Ground Floor) पर स्थित एक रेस्तरां में कई ग्राहक और कर्मचारी मौजूद थे, जिन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला।

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी SDRF, अब तक 9 लोग निकाले गए

हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया, "यह एक अत्यंत दुखद घटना है। अब तक 9 लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है, जिनमें से 4 की हालत गंभीर होने के कारण वे अभी भर्ती हैं। कुछ लोग प्राथमिक उपचार के बाद घर जा चुके हैं।" जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया के निर्देश पर बचाव कार्य तड़के 3 बजे तक जारी रहा और मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।

चश्मदीदों की जुबानी: अचानक मलबे में तब्दील हो गई बिल्डिंग

स्थानीय विधायक संदीप शर्मा ने बताया कि इमारत के गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग सहम गए। रेस्तरां में मौजूद लोगों को भागने का समय भी नहीं मिला। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। हालांकि, अभी तक बिल्डिंग गिरने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती जांच में ढांचागत कमजोरी (Structural Failure) को मुख्य वजह माना जा रहा है।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने जताया गहरा दुख

कोटा-बूंदी सांसद और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "कोटा के इंद्रविहार इलाके में बिल्डिंग गिरने की घटना अत्यंत पीड़ादायक है। मैं जिला प्रशासन के निरंतर संपर्क में हूं और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।" उन्होंने ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की और प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

जांच के घेरे में बिल्डिंग का निर्माण

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता फिलहाल मलबे में दबे संभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। इसके बाद एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की जाएगी, जो यह पता लगाएगी कि क्या बिल्डिंग के निर्माण में नियमों की अनदेखी की गई थी या फिर रेस्तरां के संचालन के दौरान कोई अवैध निर्माण किया गया था।