UPI PIN को कहिए Bye-Bye? अब पिन नहीं, आपका अंगूठा करेगा पेमेंट!

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चाय की दुकान हो या सब्जी का ठेला, आज भारत में डिजिटल पेमेंट करना सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि हमारी आदत बन चुका है। अब तो गाँव-गाँव में लोग फोन निकालकर चुटकियों में पैसे भेज रहे हैं। लेकिन अब सरकार इस क्रांति को एक ऐसे लेवल पर ले जाने की तैयारी में है, जिसके बारे में हमने सोचा भी नहीं था!

सोचिए, कैसा हो अगर आपको UPI पेमेंट करने के लिए बार-बार वो 4 या 6 अंकों का पिन डालने की ज़रूरत ही न पड़े?

जी हाँ, यह सच होने वाला है! सरकार जल्द ही एक ऐसी टेक्नोलॉजी लाने पर विचार कर रही है, जिसमें आप सिर्फ अंगूठा लगाकर या चेहरा दिखाकर पेमेंट कर सकेंगे।

इसकी ज़रूरत क्यों पड़ी?

क्योंकि UPI अब छोटा-मोटा खिलाड़ी नहीं रहा! अगस्त 2025 में पहली बार, एक महीने में UPI से होने वाले लेन-देन का आंकड़ा 20 अरब (2000 करोड़) को पार कर गया। इससे साफ है कि डिजिटल पेमेंट अब भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है, और इसे और आसान और सुरक्षित बनाना ज़रूरी है।

कैसे काम करेगा यह नया सिस्टम?

इस नई सुविधा में आपके आधार कार्ड का इस्तेमाल किया जाएगा। पेमेंट करते समय आपको पिन डालने की जगह, सिर्फ अपना अंगूठा स्कैनर पर रखना होगा या अपने चेहरे को स्कैन करना होगा, और पेमेंट हो जाएगा! इस कमाल की टेक्नोलॉजी का ऐलान जल्द ही ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल 2025 में होने की उम्मीद है।

इसका हमारी और देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?

इसका असर सिर्फ हमारी और आपकी जेब पर ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।

  • सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, और डिजिटल पेमेंट इसकी रफ़्तार को और तेज़ कर रहा है।
  • काले धन पर चोट: जब हर लेन-देन का हिसाब ऑनलाइन होता है, तो काले धन और टैक्स चोरी पर लगाम लगती है, जिससे सरकार का खज़ाना भरता है।
  • कोई चार्ज नहीं लगेगा: और सबसे अच्छी बात? RBI गवर्नर ने हाल ही में साफ़ कर दिया है कि UPI ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।

भारत बन रहा है डिजिटल पेमेंट का ‘बाहुबली’

कुछ आंकड़े आपको हैरान कर देंगे:

  • एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में होने वाले हर 100 रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट में से 49 अकेले भारत में होते हैं!
  • 2022-23 में, भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था ने देश की GDP में ₹31 लाख करोड़ से ज़्यादा का योगदान दिया।
  • इस सेक्टर ने लगभग 1.46 करोड़ लोगों को रोज़गार भी दिया है।

यह तो बस शुरुआत है!
 

एक रिपोर्ट के अनुसार, 2026 तक भारत का डिजिटल पेमेंट बाज़ार 10 ट्रिलियन डॉलर (लगभग ₹800 लाख करोड़) को पार कर जाएगा!

तो अगली बार जब आप UPI से पेमेंट करें, तो याद रखिएगा कि आप सिर्फ एक लेन-देन नहीं कर रहे हैं, बल्कि भारत की डिजिटल क्रांति का हिस्सा बन रहे हैं, जो अब और भी आसान और futurictic होने वाली है!