Sarabjit Kaur : गुरुद्वारे गई थी, मस्जिद से वीडियो आया, पति-बच्चों को छोड़ पाकिस्तान में सिख महिला ने क्यों बदला धर्म?

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News India Live, Digital Desk: क्या हो जब कोई तीर्थयात्रा पर जाए और वापस ही न लौटे? या लौटे भी, तो एक नई पहचान के साथ? पंजाब के होशियारपुर से एक ऐसा ही हैरान और परेशान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान गए हर श्रद्धालु और पंजाब में बैठे उनके परिवारों के मन में चिंता की एक गहरी लकीर खींच दी है।

यह कहानी है होशियारपुर की रहने वाली सरबजीत कौर की, जो गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व मनाने के लिए सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान के ननकाना साहिब गई थीं। लेकिन अब वहां से एक ऐसी खबर आई है, जिसने उनके परिवार के होश उड़ा दिए हैं। सरबजीत कौर ने वहीं रहकर इस्लाम धर्म अपना लिया है और अपना नाम बदलकर 'आयशा' रख लिया है।

वीडियो वायरल हुआ तो खुला राज़

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में सरबजीत कौर बुर्का पहने हुए दिखाई दे रही हैं और यह कह रही हैं कि उन्होंने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल किया है और अब उनका नाम आयशा है। इस वीडियो के सामने आते ही पंजाब में उनके घर पर कोहराम मच गया।

घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल

सरबजीत कौर शादीशुदा हैं और उनके दो बच्चे भी हैं। उनके पति और परिवार वालों का कहना है कि उन्हें इस बात पर यकीन ही नहीं हो रहा। पति ने बताया कि उनकी शादीशुदा जिंदगी में कोई परेशानी नहीं थी और वह खुशी-खुशी जत्थे के साथ मत्था टेकने गई थीं। परिवार को भी इस बात की जानकारी वायरल वीडियो से ही मिली, जिसके बाद से वे गहरे सदमे में हैं।

क्या यह 'लव जिहाद' है या कुछ और?

इस घटना ने पंजाब में एक नई बहस छेड़ दी है। शक जताया जा रहा है कि यह 'लव जिहाद' का मामला हो सकता है और सरबजीत सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में किसी के संपर्क में थीं, जिसके बहकावे में आकर उन्होंने यह कदम उठाया।
यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ है। इससे पहले 2018 में भी किरण बाला नाम की एक महिला इसी तरह जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थी और वहां जाकर उसने धर्म परिवर्तन कर एक पाकिस्तानी युवक से शादी कर ली थी।

SGPC ने लिया संज्ञान, जांच की मांग

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सिखों की सर्वोच्च संस्था, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) भी हरकत में आ गई है। एसजीपीसी ने कहा है कि यह एक बेहद गंभीर मामला है और उन्होंने विदेश मंत्रालय से इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि क्या सरबजीत ने यह फैसला किसी दबाव में लिया है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है।

यह मामला अब सिर्फ एक धर्म परिवर्तन का नहीं, बल्कि सरहद पार के रिश्तों, धोखे और भरोसे से भी जुड़ गया है। सबकी निगाहें अब भारत सरकार और एसजीपीसी के अगले कदम पर टिकी हैं।

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