Santan Prapti Upay 2026 : क्या आपके घर में भी नहीं गूंज रही किलकारी? जयंती पर करें ये अचूक उपाय
News India Live, Digital Desk: संतान का सुख दुनिया के सबसे बड़े सुखों में से एक माना गया है। कभी-कभी कुंडली के ग्रह दोष या पितृ दोष के कारण संतान प्राप्ति में बाधा आती है या बच्चों का स्वास्थ्य और करियर प्रभावित होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 7 फरवरी 2026 को बन रहे विशेष शुभ योगों में किए गए उपाय 'संजीवनी' की तरह काम करते हैं।
यदि आप भी संतान सुख से वंचित हैं या अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं, तो जयंती के इस पावन अवसर पर ये विशेष ज्योतिषीय उपाय आपके जीवन में खुशियां भर सकते हैं।
1. संतान प्राप्ति के लिए अचूक 'गोपाल मंत्र'
जिन दंपत्तियों को संतान प्राप्ति में विलंब हो रहा है, उनके लिए 'संतान गोपाल मंत्र' का जाप सबसे प्रभावशाली माना गया है।
कैसे करें: जयंती के दिन सुबह स्नान के बाद लड्डू गोपाल की प्रतिमा के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं।
मंत्र: "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥"
लाभ: माना जाता है कि इस मंत्र के सवा लाख जाप से कुंडली के केंद्र में स्थित बाधाएं दूर होती हैं।
2. बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उपाय
अगर आपका बच्चा पढ़ाई में कमजोर है या बार-बार बीमार पड़ता है, तो यह उपाय बहुत कारगर है:
मिट्टी का खिलौना: जयंती के दिन किसी गरीब बच्चे को मिट्टी का खिलौना या शिक्षा से जुड़ी सामग्री दान करें।
तुलसी पूजन: शाम के समय बच्चे के हाथ से तुलसी के पौधे में जल अर्पित कराएं और 11 बार परिक्रमा करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और एकाग्रता बढ़ती है।
3. 'नंदी' की सेवा से दूर होंगे दोष
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के वाहन नंदी की सेवा करने से वंश वृद्धि के मार्ग खुलते हैं।
विधि: इस विशेष दिन पर नंदी (बैल) को हरा चारा खिलाएं और उनके कान में अपनी मनोकामना कहें।
असर: यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जिनकी कुंडली में 'पितृ दोष' के कारण संतान सुख में बाधा आ रही है।
4. राहु-केतु की शांति और सुरक्षा
अक्सर बच्चों को बुरी नजर जल्दी लग जाती है। इससे बचाव के लिए:
शनिवार के दिन (7 फरवरी) काले कुत्ते को तेल चुपड़ी रोटी खिलाएं।
बच्चे के सिर से सात बार काला तिल वारकर बहते जल में प्रवाहित करें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
ज्योतिषियों का मानना है कि कोई भी उपाय पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाना चाहिए। जयंती के दिन घर में सात्विक भोजन बनाएं और बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद जरूर लें। पितरों के नाम से दान करने पर भी संतान पक्ष की मुश्किलें आसान होती हैं।