शाहरुख खान को लेकर संगीत सोम की तल्ख टिप्पणी, क्या 2026 के चुनावों से पहले यूपी में शुरू हो गया नया ध्रुवीकरण?
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी बेबाक और अक्सर विवादित टिप्पणियों के लिए पहचाने जाने वाले संगीत सोम ने एक बार फिर ऐसा कुछ कह दिया है जिसने सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट्स तक आग लगा दी है। एक हालिया कार्यक्रम के दौरान संगीत सोम ने सीधे तौर पर शाहरुख खान पर निशाना साधा और उन्हें 'गद्दार' की संज्ञा दे डाली। उनका यह बयान उस वक्त आया है जब प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और आने वाले सियासी समीकरणों को लेकर पहले से ही हलचल तेज है।
“देश में रहने का हक नहीं” संगीत सोम के कड़े बोल
संगीत सोम यहीं नहीं रुके। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि शाहरुख खान जैसे लोग, जो देश में रहकर देश विरोधी मानसिकता रखते हैं (संगीत सोम के अपने विचारानुसार), उन्हें भारत में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। अक्सर देखा गया है कि संगीत सोम अपने हिंदुत्ववादी चेहरे और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर काफी मुखर रहते हैं, लेकिन शाहरुख खान पर उनका यह सीधा और निजी हमला कई लोगों को हैरान कर रहा है।
विवाद की जड़ क्या है?
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि संगीत सोम ने यह बयान किसी खास ताज़ा घटना के संदर्भ में दिया है या फिर यह उनके पुराने फिल्म-बहिष्कार (Boycott Culture) और वैचारिक विरोध का हिस्सा है। बॉलीवुड अभिनेताओं को समय-समय पर राजनेताओं के कोपभाजन का शिकार होना पड़ता है। संगीत सोम का आरोप है कि फिल्मी दुनिया के कुछ बड़े नाम भारतीय संस्कृति और देश के गौरव के खिलाफ खड़े दिखाई देते हैं, और उनके हिसाब से शाहरुख खान भी उन्हीं में से एक हैं।
बॉलीवुड और राजनीति के बढ़ते फासले
पिछले कुछ सालों में हमने देखा है कि फिल्म जगत और दिल्ली-लखनऊ की सियासत के बीच की खाई काफी चौड़ी हो गई है। कभी कोई फिल्म चर्चा में आती है, तो कभी किसी अभिनेता का पुराना इंटरव्यू। शाहरुख खान पहले भी असहिष्णुता (Intolerance) जैसे मुद्दों पर विवादों में रह चुके हैं, लेकिन संगीत सोम द्वारा उन्हें सरेआम 'गद्दार' कहना और देश छोड़ने की बात करना, विवाद को एक अलग स्तर पर ले जाता है।
सियासी गलियारों में क्या है चर्चा?
साल 2025 का अंत हो रहा है और 2026 में कई महत्वपूर्ण राज्यों के चुनाव और प्रशासनिक फेरबदल होने हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान अक्सर जनता का ध्यान मुख्य मुद्दों से हटाकर भावनाओं की ओर मोड़ने के लिए दिए जाते हैं। जहाँ विपक्ष इसे 'नफरती भाषण' और 'ध्यान भटकाने वाली राजनीति' करार दे रहा है, वहीं संगीत सोम के समर्थक उनके इस रुख को उनकी निडरता मान रहे हैं।
आगे क्या होगा?
शाहरुख खान की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आम तौर पर 'किंग खान' ऐसे विवादों पर चुप्पी साधना ही पसंद करते हैं। लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी आलाकमान संगीत सोम के इस बयान से खुद को किनारे करता है या फिर आने वाले दिनों में यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक बड़ा हिस्सा बन जाएगा।