Saharanpur : प्रेमी युगल पर तालिबानी कहर, पंचायत ने सरेआम जूतों-डंडों से पीटा

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News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। जिले के बड़गांव थाना क्षेत्र में कानून को ठेंगे पर रखकर एक कथित 'पंचायत' ने प्रेमी युगल के साथ जो बर्बरता की, उसने एक बार फिर खाप जैसी मध्यकालीन मानसिकता को उजागर कर दिया है।

भीड़ के न्याय (Mob Justice) के नाम पर युवक और युवती को न केवल अपमानित किया गया, बल्कि रहम की भीख मांगने के बावजूद उन पर बेरहमी से प्रहार किए गए।

घटना का विवरण: घर मिलने पहुंचा था युवक

मिली जानकारी के अनुसार, युवती ने युवक को मिलने के लिए अपने घर बुलाया था। जैसे ही युवक वहां पहुँचा, ग्रामीणों को भनक लग गई और उन्होंने दोनों को बंधक बना लिया।

दबंगों का फैसला: मामले को पुलिस को सौंपने के बजाय गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने तत्काल मौके पर ही पंचायत बुला ली।

सार्वजनिक बेइज्जती: न्याय के नाम पर भीड़ ने कानून अपने हाथ में लिया और दोनों को बीच चौराहे पर सजा देना शुरू कर दिया।

रूह कंपा देने वाला वीडियो: गिड़गिड़ाते रहे पीड़ित

सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जो समाज की संवेदनहीनता को दर्शाता है:

जूतों और डंडों से हमला: वीडियो में दिख रहा है कि युवक और युवती हाथ जोड़कर माफी मांग रहे हैं, लेकिन भीड़ में शामिल कुछ लोग उन्हें जूतों, थप्पड़ों और डंडों से पीट रहे हैं।

तमाशबीन बनी भीड़: सबसे दुखद पहलू यह है कि मौके पर मौजूद दर्जनों लोग इस हिंसा को रोकने के बजाय हंस रहे थे और मोबाइल से वीडियो बना रहे थे।

तालिबानी फरमान: भविष्य में न मिलने की दी चेतावनी

काफी देर तक मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के बाद पंचायत ने अपना 'फैसला' सुनाया। पीड़ित युवक, जो दूसरे क्षेत्र का रहने वाला है, उसे सख्त चेतावनी देकर छोड़ा गया कि यदि वह दोबारा गांव के आसपास दिखा, तो परिणाम और भी भयानक होंगे। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।

पुलिस की कार्रवाई: दोषियों की पहचान शुरू

वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।

जांच जारी: पुलिस प्रशासन ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है।

सख्त निर्देश: अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। वीडियो में दिख रहे हमलावरों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। संपादकीय टिप्पणी: लोकतंत्र में कोई भी पंचायत या व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। इस तरह की घटनाएं न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं, बल्कि हमारी संवैधानिक व्यवस्था को भी चुनौती देती हैं।