LPG बुकिंग के बदले नियम: घबराएं नहीं, घर की रसोई रहेगी सुरक्षित! जानें पेट्रोलियम मंत्रालय की नई गाइडलाइंस
मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच अगर आप भी सोशल मीडिया की अफवाहों से परेशान होकर एक्स्ट्रा सिलेंडर बुक करने की सोच रहे हैं, तो जरा रुकिए! पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने बुधवार को साफ कर दिया है कि पैनिक करने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार ने सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए कुछ अस्थायी बदलाव जरूर किए हैं, लेकिन आपकी रसोई का चूल्हा जलता रहेगा।
1. बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव: अब 25 दिन का गैप
मंत्रालय ने 'डिमांड मैनेजमेंट' यानी मांग को संतुलित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
नया नियम: अब दो सिलेंडर की बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
मकसद: यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि लोग डर के मारे स्टॉक जमा (Hoarding) न करें और सभी को समान रूप से गैस मिल सके।
डिलीवरी का समय: जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने भरोसा दिलाया है कि घरेलू एलपीजी की डिलीवरी का चक्र (Cycle) अभी भी लगभग ढाई (2.5) दिन का ही है।
2. सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए DAC सिस्टम
गैस की कालाबाजारी और डिस्ट्रीब्यूटर लेवल पर हेराफेरी को रोकने के लिए सरकार अब डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) को सख्ती से लागू कर रही है। अब बिना ओटीपी वेरिफिकेशन के सिलेंडर डिलीवर नहीं होगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि गैस सही उपभोक्ता तक पहुंच रही है।
3. उत्पादन में बढ़ोतरी और प्राथमिकता तय
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार ने उत्पादन की रणनीति बदली है:
25% उत्पादन बढ़ा: घरेलू एलपीजी उत्पादन में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
घरेलू इस्तेमाल को प्राथमिकता: सारा अतिरिक्त उत्पादन केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए आरक्षित है।
कमर्शियल आवंटन का रिव्यू: रेस्टोरेंट और होटलों के लिए गैस के कोटे की समीक्षा के लिए IOCL, HPCL और BPCL के अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।
जरूरी सेक्टर: अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कमर्शियल सप्लाई में टॉप प्रायोरिटी दी जा रही है।
4. कीमतों का गणित: सरकार का 'सुरक्षा कवच'
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन सरकार ने इसका बड़ा बोझ आम आदमी पर नहीं आने दिया है।
| विवरण | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत | ₹913 |
| PMUY (उज्ज्वला) परिवारों पर असर | ₹60 की बढ़ोतरी (मात्र 80 पैसे प्रतिदिन का बोझ) |
| सरकारी सब्सिडी सपोर्ट | सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में 41% उछाल के बावजूद PMUY कीमतें 32% गिरी हैं। |
| OMCs को मुआवजा | तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई के लिए ₹30,000 करोड़ मंजूर। |
सावधान रहें: मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि गलत जानकारी की वजह से ही बाजारों में पैनिक बुकिंग और जमाखोरी देखी गई। राज्य सरकारों को भी ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए सख्त कदम उठाने को कहा गया है।
भारत में एलपीजी की कीमतें अभी भी कई पड़ोसी देशों की तुलना में कम बनी हुई हैं। सरकार का संदेश साफ है—सहयोग करें, पैनिक न करें!
क्या आप अपने शहर के अनुसार एलपीजी की ताजा दरों या अपने सब्सिडी स्टेटस को ऑनलाइन चेक करने का तरीका जानना चाहेंगे?