T20 World Cup में भारत से हार का बदला अब तक जारी! बाबर और शाहीन पर क्यों गिर रही है गाज? कोच ने खोल दी सारी पोल

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News India Live, Digital Desk : पाकिस्तान क्रिकेट में उठापटक का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मिली उस करारी हार की गूंज आज भी पाकिस्तानी ड्रेसिंग रूम में सुनाई दे रही है। कप्तान बाबर आजम (Babar Azam) और स्टार तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी (Shaheen Afridi) को लगातार निशाने पर लिया जा रहा है। अब इस पूरे विवाद पर पाकिस्तान के कोच ने चुप्पी तोड़ते हुए बेहद बेबाक जवाब दिया है।

हार का ठीकरा दिग्गजों पर क्यों?

भारत के खिलाफ मिली हार के बाद से ही पाकिस्तानी फैंस और पूर्व क्रिकेटर्स बाबर और शाहीन की आलोचना कर रहे हैं। कोच का मानना है कि जब टीम हारती है, तो सबसे पहले बड़े नामों को ही बलि का बकरा बनाया जाता है। कोच ने स्पष्ट किया कि केवल एक या दो खिलाड़ियों को दोष देना गलत है, क्योंकि क्रिकेट एक टीम गेम है।

कोच के बयान की 3 मुख्य बातें:

दबाव का खेल: भारत-पाक मैच का दबाव झेलना हर किसी के बस की बात नहीं होती, और उस दिन हमारी प्लानिंग फेल रही।

बाबर-शाहीन का बचाव: कोच ने कहा कि बाबर और शाहीन पाकिस्तान के अनमोल रत्न हैं। उनकी एक हार उनके सालों के योगदान को कम नहीं कर सकती।

ड्रेसिंग रूम का माहौल: हार के बाद टीम के भीतर गुटबाजी की खबरों को कोच ने सिरे से खारिज किया और इसे 'बाहरी शोर' करार दिया।

क्या शाहीन और बाबर के बीच है अनबन?

सोशल मीडिया और पाकिस्तानी मीडिया में अक्सर यह खबरें आती हैं कि कप्तानी को लेकर शाहीन और बाबर के बीच मनमुटाव है। इस पर कोच ने सफाई देते हुए कहा, "मैदान के बाहर कौन क्या कहता है, उससे हमें फर्क नहीं पड़ता। शाहीन और बाबर प्रोफेशनल हैं और वे देश के लिए एक साथ खड़े हैं।"

T20 वर्ल्ड कप के जख्म अब भी हरे

न्यूयॉर्क में खेले गए उस मैच में पाकिस्तान एक आसान लक्ष्य का पीछा करने में नाकाम रहा था। उस हार ने न केवल पाकिस्तान को टूर्नामेंट से बाहर करने की राह दिखाई, बल्कि पूरी टीम के मनोबल को तोड़ दिया। अब पीसीबी (PCB) आने वाली सीरीज के लिए टीम में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है, लेकिन कोच का रुख साफ है अनुभवी खिलाड़ियों को साथ लेकर ही आगे बढ़ा जा सकता है।

पाकिस्तान क्रिकेट का भविष्य क्या है?

आगामी चैंपियंस ट्रॉफी और अन्य बड़े टूर्नामेंट्स को देखते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर भारी दबाव है। क्या बाबर आजम अपनी कप्तानी बचा पाएंगे? या शाहीन को फिर से कमान सौंपी जाएगी? कोच के इस 'कैंडिड' (स्पष्ट) रिस्पॉन्स ने फिलहाल तो आग को ठंडा करने की कोशिश की है, लेकिन प्रदर्शन में सुधार न होने पर गाज गिरना तय है।