पिछले साल दिवाली पर रखे कमलगट्टे और कौड़ी का क्या करें? ज्योतिषी से जानें सही नियम और उपाय

पिछले साल दिवाली पर रखे कमलगट्टे और कौड़ी का क्या करें? ज्योतिषी से जानें सही नियम और उपाय

दीपावली का महापर्व हमारे जीवन में सुख, समृद्धि और नई उम्मीदों का संदेश लेकर आता है। इस पावन अवसर पर हम सभी अपने घरों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करते हैं और माता को प्रसन्न करने के लिए कई तरह की सामग्रियां जैसे कमलगट्टे, कौड़ी, गोमती चक्र और सुपारी अर्पित करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब सालभर बाद अगली दिवाली आती है, तो पिछले साल पूजा के दौरान रखे गए उन कमलगट्टे और कौड़ियों का क्या करना चाहिए? बहुत से लोगों के मन में यह बड़ा सवाल रहता है कि क्या पुरानी सामग्री को यूं ही फेंक देना चाहिए या फिर इन्हें किसी खास तरीके से विसर्जित करना चाहिए ताकि मां लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहे और घर में किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े। जाने-माने ज्योतिषविदों और जानकारों के अनुसार, इन पवित्र सामग्रियों को लेकर कुछ बहुत ही सटीक और पारंपरिक नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन करना हर गृहस्थ के लिए बेहद जरूरी होता है। इस विस्तृत रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि पिछले साल की दिवाली पर पूजा में उपयोग किए गए कमलगट्टे और कौड़ी का सही इस्तेमाल या निस्तारण किस प्रकार किया जाना चाहिए।

दीपावली पूजा में कमलगट्टे और कौड़ी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

सनातन धर्म में मां लक्ष्मी को चंचला कहा जाता है, यानी वे एक जगह स्थिर नहीं रहतीं। लेकिन माता को अपने घर में स्थायी रूप से बसाने और उनकी कृपा पाने के लिए दीपावली की रात विशेष साधना और पूजन किया जाता है। इस दौरान उपयोग किए जाने वाले कमलगट्टे (जो कमल के बीज होते हैं) और कौड़ियां (जो समुद्र से उत्पन्न होती हैं और मां लक्ष्मी की बहन मानी जाती हैं) बेहद चमत्कारिक और शक्तिशाली माने जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि ये वस्तुएं अपने अंदर सकारात्मक ऊर्जा और धन को आकर्षित करने की असीम क्षमता रखती हैं। जब हम इन्हें दिवाली की रात मां लक्ष्मी के चरणों में अर्पित करके अपनी तिजोरी या पूजा स्थान पर रखते हैं, तो वे पूरे साल हमारे घर के वित्तीय स्वास्थ्य की रक्षा करती हैं और बरकत के द्वार खोलती हैं। यही कारण है कि इन वस्तुओं का सम्मान करना और इन्हें संभालकर रखना हमारी सांस्कृतिक परंपरा का एक अहम हिस्सा रहा है।

क्या करें पिछले साल की दिवाली पर रखे पुराने कमलगट्टे और कौड़ियों का?

जब एक साल पूरा हो जाने के बाद नई दिवाली नजदीक आती है, तो बहुत से लोगों के सामने यह असमंजस खड़ा हो जाता है कि वे पिछले साल वाले कमलगट्टे और कौड़ियों का क्या करें। ज्योतिषीय नियमों के अनुसार, यदि पिछले साल के कमलगट्टे खंडित, टूटे हुए या खराब हो चुके हैं, तो उन्हें कभी भी यूं ही कूड़ेदान में या इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए, क्योंकि ऐसा करना मां लक्ष्मी का अनादर माना जाता है और इससे घर में आर्थिक तंगी आ सकती है। अगर कमलगट्टे सुरक्षित और सही हालत में हैं, तो आप उन्हें इस साल की दीपावली की पूजा में भी दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं, अगर वे पुराने हो गए हैं या उनका रंग फीका पड़ गया है, तो उन्हें किसी पवित्र नदी, तालाब में प्रवाहित कर देना चाहिए या फिर किसी मंदिर में चुपचाप रख देना चाहिए। इसके अलावा, एक बेहद उत्तम उपाय यह भी है कि आप पुराने कमलगट्टे और कौड़ियों को किसी लाल रंग के साफ कपड़े में बांधकर घर के बाहर किसी पीपल के पेड़ के नीचे सम्मान के साथ रख आएं या फिर अपनी तिजोरी की डीप क्लीनिंग के बाद उन्हें नए सामान के साथ बदल दें।

कौड़ियों को संभालने और विसर्जित करने के ज्योतिषीय और सही नियम

कौड़ियों को मां लक्ष्मी का प्रिय प्रतीक माना जाता है और इन्हें हमेशा जोड़े या विषम संख्या में पूजा में रखा जाता है। अगर आपके पास पिछले साल की पूजा वाली कौड़ियां रखी हैं, तो सबसे पहले आपको उनकी स्थिति की जांच करनी चाहिए। यदि कौड़ियां साफ-सुथरी और साबुत हैं, तो आप उन्हें गंगाजल से धोकर और थोड़ा सा हल्दी-कुंकुम लगाकर इस बार की दिवाली की पूजा में भी पुनः उपयोग में ला सकते हैं। लेकिन यदि वे गंदी हो गई हैं या उनका कोई हिस्सा टूट गया है, तो उन्हें अपने पास रखना शुभ नहीं माना जाता है। ऐसी पुरानी या खंडित कौड़ियों को आप किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर सकते हैं या फिर अपनी तिजोरी से निकालकर किसी चौराहे पर चुपचाप रख सकते हैं (हालांकि बहते जल में प्रवाहित करना सबसे श्रेष्ठ और सुरक्षित तरीका माना जाता है)। ऐसा करने से पुराने साल की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है और आपके घर में नई ऊर्जा तथा मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए शुद्ध वातावरण का निर्माण होता है।