सीएम ने कहा- बस्तर में पीएम मोदी का दिवाली मनाना जवानों के अदम्य साहस
देश भर में रोशनी और उल्लास के पर्व दीपावली (Diwali 2026) का जश्न पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपनी परंपरा को निभाते हुए सुरक्षाबलों के बीच जाकर त्योहार मनाने की गूंज हर तरफ सुनाई दे रही है। इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित संवेदनशील क्षेत्र बस्तर में पहुंचकर वहां तैनात सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपावली का पावन पर्व मनाया। प्रधानमंत्री के इस ऐतिहासिक और साहसिक दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री ने दिल को छू लेने वाला बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बस्तर जैसे दुर्गम और संवेदनशील इलाके में पहुंचकर हमारे वीर जवानों के साथ दिवाली मनाना उनके अदम्य साहस, अद्वितीय त्याग और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण का सबसे बड़ा और जीवंत सम्मान है। इस विस्तृत रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि मुख्यमंत्री ने इस दौरे को लेकर और क्या कुछ कहा है और बस्तर में पीएम मोदी की इस उपस्थिति के क्या राजनीतिक व रणनीतिक मायने हैं।
बस्तर में प्रधानमंत्री मोदी का दौरा: नक्सल प्रभावित क्षेत्र के जवानों के लिए ऐतिहासिक पल
छत्तीसगढ़ का बस्तर इलाका कभी देश में वामपंथी उग्रवाद और आतंकवाद का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता था, जहां सुरक्षा बलों को हर कदम पर कड़ी चुनौतियों और खतरों का सामना करना पड़ता था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सरकार की मजबूत नीतियों, सुरक्षाबलों के पराक्रम और विकास कार्यों की बदौलत इस क्षेत्र की तस्वीर तेजी से बदल रही है। ऐसे क्षेत्र में देश के प्रधानमंत्री का अचानक पहुंचकर जवानों के बीच दीपोत्सव मनाना न केवल जवानों के लिए बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र के निवासियों के लिए एक ऐतिहासिक और अविस्मरणीय पल बन गया है। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री का यह कदम यह साबित करता है कि देश का शीर्ष नेतृत्व अपनी सेना और सुरक्षा बलों के साथ कंधे से कंधا मिलाकर खड़ा है। जब देश का मुखिया खुद अपनी दिवाली अपनों से दूर देश की हिफाजत करने वाले प्रहरियों के साथ मनाता है, तो सरहद और मोर्चा संभाल रहे हर एक जवान का हौसला सातवें आसमान पर पहुंच जाता है।
जवानों के त्याग, तपस्या और समर्पण को समर्पित रहा प्रधानमंत्री का यह दीपोत्सव
मुख्यमंत्री ने आगे चर्चा करते हुए कहा कि बस्तर के जंगलों और कैंपों में तैनात हमारे सुरक्षाकर्मी चाहे वह सीआरपीएफ के जवान हों, कोबरा बटालियन हो या स्थानीय पुलिस बल, सभी दिन-रात बिना किसी परवाह के अपनी जान हथेली पर रखकर देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करते हैं। त्योहारों के मौसम में जब हर नागरिक अपने परिवार और बच्चों के साथ खुशियां बांट रहा होता है, तब ये वीर प्रहरी अपने घरों से कोसों दूर रहकर देशवासियों की रक्षा करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर पहुंचकर इन्हीं जवानों के माथे पर विजय का तिलक लगाया और उनके साथ मिठाइयां बांटकर यह संदेश दिया कि पूरा देश उनके परिवार के साथ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण देश के हर नागरिक को प्रेरित करता है कि हमें अपने सैनिकों के त्याग और बलिदान का हमेशा सम्मान करना चाहिए।
छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर और बस्तर में शांति स्थापना की दिशा में बड़ा संदेश
राजनीतिक और रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बस्तर में दिवाली मनाना केवल एक व्यक्तिगत उत्सव नहीं है, बल्कि यह देश के भीतर सुरक्षा, शांति और विकास का एक बहुत बड़ा संदेश है। यह इस बात का प्रमाण है कि अब देश के सबसे संवेदनशील और कठिन समझे जाने वाले इलाके भी सुरक्षित हो रहे हैं और वहां विकास की रोशनी पहुंच रही है। मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके इस दौरे से छत्तीसगढ़ के लोगों का मनोबल और अधिक ऊंचा हुआ है। बस्तर की धरती पर प्रधानमंत्री और जवानों का यह मिलन आने वाले समय में देश से नक्सलवाद के पूर्ण सफाए और एक सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में एक नया मील का पत्थर साबित होगा, जिसकी चर्चा आज पूरे देश में गर्व के साथ की जा रही है।