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आज त्रिपुष्कर योग और रविवार व्रत का महासंयोग, दोपहर से शुरू होगी भद्रा, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त

हिंदू सनातन पंचांग के अनुसार आज 21 जून 2026 को बेहद खास और पवित्र संयोग बन रहा है। आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि और रविवार का दिन है। आज के दिन भगवान सूर्य नारायण की उपासना और रविवार व्रत का विशेष महत्व माना गया है। इसके साथ ही आज के पंचांग में त्रिपुष्कर योग जैसा फलदायी योग भी बन रहा है, जिसमें किए गए कार्यों का तीन गुना फल मिलता है। हालांकि, आज के दिन कोई भी नया या मांगलिक कार्य शुरू करने से पहले पंचांग के नियमों और भद्रा के समय का ध्यान रखना बेहद जरूरी है क्योंकि दोपहर से भद्रा का साया शुरू होने जा रहा है।

आज का पंचांग और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति

आज 21 जून 2026 को सूर्योदय सुबह 05 बजकर 24 मिनट पर और सूर्यास्त शाम को 07 बजकर 22 मिनट पर होगा। आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है जो दोपहर 02 बजकर 40 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद सप्तमी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। आज पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा जो रात 10 बजकर 15 मिनट तक रहेगा, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र लगेगा। आज चंद्रमा पूरे दिन और रात सिंह राशि में गोचर करेंगे, जबकि सूर्य देव मिथुन राशि में विराजमान हैं।

त्रिपुष्कर योग का महामुहूर्त और दोपहर से भद्रा का साया

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज दोपहर 02 बजकर 40 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 15 मिनट तक त्रिपुष्कर योग रहेगा। इस योग में भूमि, भवन की खरीदारी या कोई बड़ा निवेश करना बेहद शुभ माना जाता है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि आज दोपहर 02 बजकर 40 मिनट से ही भद्रा का साया भी शुरू हो रहा है, जो अगले दिन यानी 22 जून की भोर में 03 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। चूंकि भद्रा का वास पाताल लोक में रहेगा, इसलिए इसका आंशिक असर रहेगा, फिर भी इस दौरान मांगलिक और विवाह जैसे शुभ कार्यों को वर्जित माना जाता है।

आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

अगर आप आज कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं तो दिन के सबसे शुभ समय यानी अभिजीत मुहूर्त का उपयोग कर सकते हैं। आज का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। वहीं दूसरी ओर, किसी भी शुभ कार्य को करने से बचने के लिए राहुकाल के समय का ध्यान रखें। आज का राहुकाल शाम को 05 बजकर 38 मिनट से शाम को 07 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। राहुकाल के दौरान नया निवेश या यात्रा की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

आज का दिशाशूल और रविवार व्रत पूजा विधि

आज रविवार होने के कारण पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। इसका मतलब है कि आज के दिन पश्चिम दिशा में लंबी दूरी की यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना बेहद जरूरी हो, तो घर से दलिया, घी या पान खाकर निकलें। आज रविवार व्रत के दिन सुबह तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, अक्षत और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें और 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से मान-सम्मान, नौकरी में तरक्की और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

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