दिवाली की रात भूलकर भी न करें ये 7 ऐसी बड़ी गलतियां, वरना उल्टे पैर लौट जाएंगी मां लक्ष्मी

दिवाली की रात भूलकर भी न करें ये 7 ऐसी बड़ी गलतियां, वरना उल्टे पैर लौट जाएंगी मां लक्ष्मी

रोशनी, उमंग और खुशियों के महापर्व दीपावली (Diwali) का इंतजार हर किसी को सालभर रहता है। यह वह पावन समय होता है जब देश का हर कोना दीयों की रोशनी से जगमगा उठता है और हर घर में सुख-समृद्धि की कामना के साथ धन की देवी मां लक्ष्मी और विघ्नहर्ता भगवान गणेश का स्वागत किया जाता है। सनातन धर्म में ऐसी गहरी मान्यता है कि दीपावली की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी लोक का भ्रमण करती हैं और जिस घर में साफ-सफाई, पवित्रता, अनुशासन और सकारात्मकता का माहौल होता है, वहां माता का स्थायी वास होता है। लेकिन शास्त्रों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस खास रात को जाने-अनजाने में की गई कुछ छोटी-छोटी गलतियां या लापरवाही माता को नाराज कर सकती हैं, जिससे घर में आई खुशियां और बरकत दूर हो सकती हैं। अगर आप भी चाहते हैं कि इस दिवाली आपके घर में मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहे और कभी भी धन-धान्य की कमी न हो, तो कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इस विस्तृत रिपोर्ट में हम आपको उन 7 बड़ी गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें दिवाली की रात भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

दिवाली की रात घर में कभी न रखें अंधेरा और न जलाएं खंडित दीये

दीपावली का शाब्दिक अर्थ ही दीपों की पंक्ति यानी रोशनी का पर्व है। ऐसे में इस रात घर के किसी भी कोने में अंधेरा रहना बेहद अशुभ माना जाता है। बहुत से लोग केवल मुख्य द्वार या पूजा घर में दीपक जलाकर बाकी कमरों में अंधेरा छोड़ देते हैं, जो कि बिल्कुल गलत है। दिवाली की रात को पूरे घर में विशेष रूप से रसोई, पानी रखने के स्थान यानी पीने के मटके के पास, छत और बालकनी में कम से कम एक दीपक जरूर जलाना चाहिए। इसके अलावा, पूजा में कभी भी खंडित या टूटे हुए दीयों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। तेल या घी के दीये जलाते समय इस बात का खास ख्याल रखें कि दीया पूरी तरह साफ और साबुत हो, क्योंकि खंडित वस्तुएं घर में नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।

घर की साफ-सफाई और मुख्य द्वार की पवित्रता से न करें समझौता

मां लक्ष्मी उसी घर में प्रवेश करती हैं जहां साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है। दिवाली की रात को पूजा से पहले घर के कोने-कोने को पूरी तरह साफ कर लें और मुख्य द्वार को गंदा बिल्कुल न रहने दें। मुख्य द्वार को माता लक्ष्मी के स्वागत का मार्ग माना जाता है, इसलिए वहां कूड़ा-कचरा या जूते-चप्पल बिखेर कर रखने की गलती भूलकर भी न करें। द्वार पर सुंदर रंगोली सजाएं और ताजे फूलों या आम-अशोक के पत्तों का बंधनवार लगाएं। इसके साथ ही, इस बात का भी विशेष ध्यान रखें कि दिवाली की रात घर का कोई भी सदस्य बिना वजह सोया न रहे, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि जो लोग इस रात सोते हैं, उनके भाग्य का दरवाजा बंद हो जाता है और माता रानी उनके द्वार से ही उल्टे पैर लौट जाती हैं।

लड़ाई-झगड़ा, नकारात्मक बातें और किसी का अपमान करने से बचें

दीपावली का दिन आपसी प्रेम, सद्भाव और मेल-मिलाप का प्रतीक है। इस पवित्र रात को घर में किसी भी प्रकार का क्लेश, वाद-विवाद या चीख-पुकार नहीं होनी चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिस घर में पति-पत्नी या परिवार के अन्य सदस्यों के बीच कलह होती है, वहां मां लक्ष्मी कभी भी वास नहीं करतीं। इसके अलावा, इस दिन घर आए किसी भी मेहमान, गरीब, जरूरतमंद याचक या बुजुर्ग का अनादर बिल्कुल न करें। यदि आपके दरवाजे पर कोई भूखा या जरूरतमंद व्यक्ति आ जाए, तो उसे खाली हाथ न लौटाएं, अपनी सामर्थ्य के अनुसार उसे अन्न या दान जरूर दें। नकारात्मक और अमंगल बातें करने से घर का औरोरा दूषित होता है और बरकत के रास्ते बंद हो जाते हैं।

पैसे का गलत इस्तेमाल और जूठे बर्तनों को रातभर छोड़ना

कई लोग दिवाली की रात जुआ खेलने या अनावश्यक रूप से धन की बर्बादी करने की बुरी आदत पाल लेते हैं, जिसे बहुत बड़ा दोष माना गया है। मेहनत की कमाई का सम्मान करें और इस रात अनुशासित रहें। इसके साथ ही, एक और बड़ी गलती जो अक्सर लोग करते हैं, वह यह है कि रात की दावत या पूजा के बाद जूठे बर्तन रसोई में ही वैसे ही छोड़ कर सो जाते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, रातभर रसोई में जूठे बर्तन छोड़ना अन्नपूर्णा और मां लक्ष्मी दोनों का अपमान माना जाता है, जिससे घर में आर्थिक संकट और दरिद्रता आने की संभावना बढ़ जाती है। सोने से पहले रसोई घर और चूल्हे की अच्छी तरह सफाई अवश्य कर लें। इन छोटे-छोटे नियमों का पालन करके आप इस दिवाली अपने घर में सुख-समृद्धि का स्थायी वास सुनिश्चित कर सकते हैं।