जयपुर-जोधपुर समेत राजस्थान के सभी जिलों में किस समय निकलेगा चांद
सुहागिनों के सबसे बड़े और पवित्र पर्व करवा चौथ 2026 (Karwa Chauth 2026) का पावन त्योहार इस बार बेहद खास उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए पूरे दिन कठिन निर्जला उपवास रखती हैं। इस व्रत का सबसे अहम और रोमांचक पल वह होता है जब आसमान में चांद का दीदार होता है और महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना उपवास खोलती हैं। राजस्थान केजयपुरClick to open side panel for more information (Jaipur),जोधपुरClick to open side panel for more information (Jodhpur) सहित अजमेर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर और सीकर जैसे तमाम जिलों में चांद निकलने के सटीक समय को लेकर महिलाओं में काफी उत्सुकता बनी हुई है। भौगोलिक स्थिति और मौसम के मिजाज को ध्यान में रखते हुए इस बार राजस्थान के विभिन्न शहरों में चांद दिखने का समय अलग-अलग रहने वाला है, जिसकी पूरी और सटीक जानकारी यहाँ दी जा रही है।
जयपुर
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गुलाबी नगरी जयपुर और पूर्वी राजस्थान में क्या रहेगा चांद निकलने का सही समय?
राजस्थान की राजधानी और ऐतिहासिक शहरजयपुरClick to open side panel for more information में करवा चौथ के दिन चाँद के दीदार का इंतजार करने वाली महिलाओं के लिए मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना जताई गई है। जयपुर और इसके आसपास के इलाकों जैसे कि दौसा, टोंक, अलवर और सीकर में पंचांगीय गणना के अनुसार चंद्रोदय का समय शाम को लगभग 8 बजकर 15 मिनट से 8 बजकर 25 मिनट के बीच का रहेगा। गुलाबी नगरी की पारंपरिक गलियों और बाजारों में इस दिन विशेष रौनक देखने को मिलती है, जहाँ महिलाएं सजी-धजी छतों पर छलनी से चांद का दीदार करने के लिए पूरी तैयारी के साथ जुटती हैं। पूर्वी राजस्थान के इन जिलों में बादलों की कोई रुकावट न होने के कारण समय पर स्पष्ट रूप से चांद के दर्शन होने की पूरी उम्मीद है।
जोधपुर
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सूर्य नगरी जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में चंद्रोदय का समय
मारवाड़ की सांस्कृतिक राजधानी और सूर्य नगरी कहे जाने वालेजोधपुरClick to open side panel for more information तथा पश्चिमी राजस्थान के अन्य जिलों में चांद थोड़ा विलंब से दिखाई देगा। भौगोलिक स्थिति के पश्चिम की ओर होने के कारण जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर और पाली में चाँद निकलने का संभावित समय रात 8 बजकर 30 मिनट से 8 बजकर 40 मिनट के आसपास का रहेगा। रेगिस्तानी इलाकों और खुले आसमान के नीचे यहाँ करवा चौथ का व्रत खोलने का नजारा बेहद भव्य होता है। जोधपुर के ऐतिहासिक मेहरगढ़ किले और शहर की ऊंची इमारतों से चांद के दीदार के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं, जहाँ सुहागिनें पारंपरिक वेशभूषा में एकत्रित होकर विधिवत पूजा-अर्चना करती हैं।
मेवाड़, शेखावाटी और हाड़ौती संभाग के प्रमुख शहरों में कब होंगे चाँद के दर्शन?
राजस्थान के अन्य प्रमुख क्षेत्रों की बात करें तो मेवाड़ के उदयपुर और चित्तौड़गढ़ में चंद्रोदय का समय लगभग 8 बजकर 22 मिनट के आसपास रहेगा। वहीं औद्योगिक नगरी कोटा और बूंदी यानी हाड़ौती संभाग में रात 8 बजकर 12 मिनट से 8 बजकर 18 मिनट के बीच चांद अपनी छटा बिखेरेगा। शेखावाटी क्षेत्र के झुंझुनू और चूरू में तथा उत्तरी छोर पर स्थित गंगानगर व हनुमानगढ़ में चांद निकलने का समय रात 8 बजकर 20 मिनट से 8 बजकर 35 मिनट के दायरे में आंका गया है। मौसम विभाग के अनुसार पूरे प्रदेश में इस दिन आसमान साफ रहने की संभावना है, जिससे व्रत रखने वाली महिलाओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
व्रत के दौरान इन बातों का रखें विशेष ध्यान और ऐसे करें चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित
करवा चौथ के दिन सुहागिनों को शाम के समय माता करवा, भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी और कार्तिकेय की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान करवा चौथ की प्राचीन कथा का पाठ अवश्य सुनना या पढ़ना चाहिए। जब आसमान में चंद्रमा के दर्शन हो जाएं, तब चलनी (छलनी) से पहले चंद्रमा को देखें और फिर उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखकर आशीर्वाद लें। चंद्रमा को तांबे या चांदी के लोटे से जल, कच्चा दूध, अक्षत, रोली और पुष्प अर्पित करके अर्घ्य दें। इसके बाद पति के हाथों से जल ग्रहण करके अपने कठिन निर्जला व्रत का सफलतापूर्वक पारण करें।