गर्मी से मिलेगी राहत या अभी और सहेगी मेरठ की आफत? जानिए मौसम का 'डबल गेम'
"भैया, ये सितंबर वाली गर्मी तो जान ही निकाल देती है!" - अगर आप भी मेरठ या आसपास के इलाकों में रहते हैं, तो आजकल आपके मुँह से भी यही बात निकल रही होगी। चिपचिपी गर्मी और पसीने वाली उमस ने सबका हाल बेहाल कर रखा है। पंखे और कूलर भी जवाब दे चुके हैं और हर कोई बस यही पूछ रहा है कि आखिर आसमान से राहत की बूंदें कब बरसेंगी?
तो चलिए, आपकी इसी उलझन को दूर करते हैं। मौसम विभाग ने जो भविष्यवाणी की है, वो थोड़ी कन्फ्यूज करने वाली लेकिन उम्मीद भरी है। ऐसा लग रहा है कि मौसम हमारे साथ लुका-छिपी का खेल खेल रहा है।
तो अभी क्या है हाल?
मौसम विभाग का कहना है कि अभी एक-दो दिन और इस उमस भरे टॉर्चर को झेलना पड़ सकता है। दिन के समय पारा 35 से 37 डिग्री के बीच रह सकता है, और हवा में नमी होने की वजह से आपको असल तापमान से कहीं ज़्यादा गर्मी महसूस होगी। तो फिलहाल, इस चिपचिपी गर्मी से तुरंत राहत मिलने की उम्मीद थोड़ी कम है।
लेकिन, अच्छी खबर भी है!
अब आते हैं खुशखबरी पर। मौसम विभाग ने पश्चिमी यूपी के कई इलाकों, जिसमें मेरठ भी शामिल है, के लिए येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है। इसका मतलब है कि मौसम अचानक करवट ले सकता है और आपको सावधान रहने की ज़रूरत है।
आज शाम या कल से आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है। यह सिर्फ हल्की-फुल्की फुहारें नहीं, बल्कि कुछ इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ भारी बारिश भी हो सकती है।
ऐसा क्यों हो रहा है?
दरअसल, यह मानसून की विदाई का समय है, और जाते हुए मानसून में अक्सर ऐसा ही मिला-जुला मौसम देखने को मिलता है। कभी तेज़ धूप खिलती है, तो कभी अचानक काले बादल छा जाते हैं और बारिश होने लगती है।
किसानों के लिए भी ज़रूरी सूचना
यह बारिश जहाँ एक तरफ गर्मी से राहत देगी, वहीं धान और गन्ने की फसल के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकती है। लेकिन अगर बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं, तो फसल को नुकसान भी हो सकता है।
तो कुल मिलाकर:
मेरठ और पश्चिम यूपी वालों को अभी गर्मी और बारिश के इस 'डबल गेम' के लिए तैयार रहना होगा। गर्मी से राहत मिलने की पूरी उम्मीद है, लेकिन उसके लिए थोड़ा और इंतज़ार करना पड़ेगा। घर से निकलने से पहले एक बार आसमान का मिजाज ज़रूर भांप लें, क्या पता आपको छाते की ज़रूरत पड़ जाए!