मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के बीच भारतीयों के लिए राहत: एयर इंडिया और इंडिगो ने शुरू की 'स्पेशल फ्लाइट्स', जानें पूरा शेड्यूल
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच गहराते सैन्य संघर्ष ने वैश्विक हवाई यातायात को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। युद्ध के मुहाने पर खड़े मिडिल ईस्ट में फंसे हजारों भारतीयों की सुरक्षा और उनकी सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार और प्रमुख विमानन कंपनियों ने अब मोर्चा संभाल लिया है। मौजूदा संकटपूर्ण स्थिति को देखते हुए 'एयर इंडिया ग्रुप' और 'इंडिगो' ने आज बुधवार (11 मार्च 2026) से दुबई, अबू धाबी, शारजाह और जेद्दा जैसे महत्वपूर्ण शहरों के लिए विशेष उड़ानों के संचालन की घोषणा की है।
युद्ध के बीच एयरलाइंस का बड़ा फैसला: संचालित होंगी 58 विशेष उड़ानें
विमानन कंपनियों द्वारा जारी ताजा ऑपरेशनल प्लान के मुताबिक, एयर इंडिया ग्रुप पश्चिम एशिया के तनावग्रस्त इलाकों से आने-जाने के लिए कुल 58 विशेष उड़ानें संचालित करने जा रहा है। वहीं, देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो ने भी बुधवार से ही मिडिल ईस्ट के 8 अलग-अलग शहरों के लिए उड़ानों का नया शेड्यूल लागू कर दिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) के अनुसार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विमानन कंपनियों को बिगड़ते हालात में लचीला रुख अपनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीयों की सुरक्षित निकासी (Evacuation) की जा सके। आंकड़ों की मानें तो बीते 9 मार्च को ही 45 उड़ानों के जरिए करीब 7,047 यात्रियों को पश्चिम एशिया से भारत लाया गया है।
यूएई और जेद्दा के लिए उड़ानों का पूरा खाका
एयर इंडिया ग्रुप ने बताया कि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस संयुक्त रूप से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के लिए 36 अतिरिक्त गैर-निर्धारित (Non-scheduled) उड़ानें चलाएंगे। ये उड़ानें एयरपोर्ट स्लॉट और तत्कालीन सुरक्षा परिस्थितियों पर निर्भर करेंगी। विशेष बात यह है कि एयर इंडिया दिल्ली और मुंबई से सऊदी अरब के जेद्दा के लिए राउंड-ट्रिप उड़ानें संचालित करेगी। वहीं, एयर इंडिया एक्सप्रेस हैदराबाद और कोझिकोड से जेद्दा के लिए उड़ानें भरेगी। ओमान के मस्कट के लिए भी दिल्ली, मुंबई, कन्नूर, तिरुवनंतपुरम और तिरुचिरापल्ली से विशेष विमान भेजे जा रहे हैं, जबकि कोच्चि से दो राउंड-ट्रिप उड़ानें तय की गई हैं।
इंडिगो ने यूरोप और मिडिल ईस्ट के लिए कसी कमर
इंडिगो एयरलाइंस ने भी युद्ध के कारण प्रभावित हुए यात्रियों की मदद के लिए अपने हाथ बढ़ाए हैं। कंपनी ने 11 मार्च से मिडिल ईस्ट के 8 प्रमुख गंतव्यों के साथ-साथ यूरोप के चुनिंदा रूटों पर भी विमान भेजने का फैसला लिया है। यह कदम उन यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द होने के कारण विदेशों में फंसे हुए थे। मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा और सेवाओं की निरंतरता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए एयरलाइंस को हर संभव तकनीकी और नियामक सहायता दी जा रही है।
DGCA की पैनी नजर और मस्कट बना 'वैकल्पिक केंद्र'
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने युद्ध की विभीषिका को देखते हुए मस्कट इंटरनेशनल एयरपोर्ट को 'वैकल्पिक एयरपोर्ट' के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। यदि दुबई, अबू धाबी, शारजाह, जेद्दा या मदीना जैसे शहरों में स्थिति बिगड़ती है, तो विमानों को मस्कट में सुरक्षित उतारा जा सकेगा। मंत्रालय ने कहा कि वह पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहा है। दुबई, रस-अल-खैमाह और फुजैरा जैसे शहरों के लिए अतिरिक्त अराइवल और डिपार्चर स्लॉट उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।