अमृतपाल सिंह की रिहाई या फिर गिरफ्तारी? 23 अप्रैल को खत्म हो रही NSA की मियाद, जानें अब क्या होगा सांसद का भविष्य
News India Live, Digital Desk : 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख और खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल पर लगा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) आगामी 22 अप्रैल 2026 को समाप्त होने जा रहा है। जैसे-जैसे यह तारीख करीब आ रही है, पंजाब की सियासत और सुरक्षा गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, पंजाब सरकार अमृतपाल की हिरासत को लेकर बेहद सतर्क है और सुरक्षा के मद्देनजर केंद्र सरकार के संपर्क में है।
क्या जेल से बाहर आ पाएंगे अमृतपाल सिंह?
अमृतपाल सिंह को 23 अप्रैल 2023 को मोगा के रोडे गांव से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन पर एनएसए लगाकर डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया। उनकी हिरासत को पहले अप्रैल 2024 और फिर अप्रैल 2025 में एक-एक साल के लिए बढ़ाया गया था। अब जबकि 22 अप्रैल को यह मियाद खत्म हो रही है, सवाल उठ रहा है कि क्या वह आजाद हो पाएंगे? सूत्रों की मानें तो पंजाब पुलिस उन्हें रिहा करने के मूड में बिल्कुल नहीं है।
पंजाब सरकार की नई रणनीति: दोबारा हो सकती है गिरफ्तारी
खुफिया रिपोर्टों और राज्य की कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए पंजाब के गृह विभाग ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि अमृतपाल को रिहा किया गया, तो राज्य में शांति भंग होने का खतरा हो सकता है। चर्चा है कि जैसे ही 22 अप्रैल को उनकी एनएसए के तहत हिरासत खत्म होगी, पंजाब पुलिस उन्हें अजनाला थाने पर हुए हमले (फरवरी 2023) से जुड़े पुराने मामलों में दोबारा गिरफ्तार कर सकती है।
डिब्रूगढ़ जेल में ही रखने की तैयारी
पंजाब सरकार ने केंद्र से सिफारिश की है कि सुरक्षा कारणों से अमृतपाल सिंह को पंजाब की किसी जेल में शिफ्ट करने के बजाय असम की डिब्रूगढ़ जेल में ही रखा जाए। इसके लिए 'प्रिज़नर्स एक्ट' के प्रावधानों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सांसद होने के नाते अमृतपाल ने कई बार संसद सत्र में शामिल होने के लिए पैरोल की अर्जी लगाई थी, जिसे कोर्ट और सरकार ने सुरक्षा का हवाला देते हुए खारिज कर दिया था। अब 23 अप्रैल की सुबह यह तय करेगी कि अमृतपाल के खिलाफ पंजाब पुलिस का अगला कदम क्या होगा।