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April 17 2026 06:54 pm

UP Weather Alert : अप्रैल में ही अंगारे बरसा रहा सूरज बांदा में पारा 44.8°C के पार, 72 घंटों के लिए हीटवेव का अलर्ट

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश में गर्मी ने अप्रैल के महीने में ही अपने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। विशेष रूप से बुंदेलखंड के इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बांदा जिला प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहाँ पारा 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान अप्रैल के औसत से कहीं अधिक है, जो आने वाले हफ्तों में भीषण लू (Heatwave) के खतरे की ओर संकेत कर रहा है।

मौसम विभाग की चेतावनी: अगले 72 घंटे भारी

मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले 72 घंटों के लिए हीटवेव (Heatwave Alert) की चेतावनी जारी की है।

प्रमुख प्रभावित जिले: बांदा के अलावा झांसी, प्रयागराज, कानपुर, आगरा और वाराणसी जैसे जिलों में चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं (लू) का प्रकोप बढ़ेगा।

हवा की रफ्तार: मौसम विभाग के अनुसार, 20 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली गर्म हवाएं दोपहर के समय बाहर निकलना जोखिम भरा बना सकती हैं।

पूर्वानुमान: विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल के अंत तक बांदा और आसपास के क्षेत्रों में तापमान 46 डिग्री के करीब भी पहुंच सकता है।

प्रमुख शहरों का तापमान (आज का अनुमान)

शहरअधिकतम तापमान (°C)स्थिति
बांदा44.8°Cसबसे गर्म, लू का प्रकोप
प्रयागराज43.5°Cभीषण गर्मी
झांसी43.0°Cतीखी धूप
कानपुर41.2°Cउमस और गर्मी
लखनऊ40.5°Cसाफ आसमान, लू

बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आम जनजीवन को प्रभावित होने से बचाने के लिए 'हीट एडवाइजरी' जारी की है:

दोपहर में बाहर निकलने से बचें: विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब धूप सबसे तीखी होती है।

हाइड्रेशन: पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। ओआरएस (ORS), नींबू पानी और छाछ का सेवन करें।

सूती कपड़े पहनें: हल्के रंग के और सूती कपड़े पहनें जो पसीने को सोख सकें।

सिर ढक कर रखें: धूप में निकलते समय छाता, टोपी या तौलिए का उपयोग करें।

खेती-किसानी पर असर

तेजी से बढ़ते तापमान का असर रबी की फसलों की कटाई और मड़ाई पर भी पड़ रहा है। गर्म हवाओं के कारण खेतों में काम करने वाले मजदूरों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सुबह जल्दी या शाम के समय ही खेतों में काम करने की सलाह दी है।