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April 17 2026 01:05 am

बिहार की राजनीति में निशांत कुमार की एंट्री जेडीयू दफ्तर पहुंचकर सम्राट चौधरी को दी बधाई

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News India Live, Digital Desk: बिहार के राजनीतिक गलियारे में गुरुवार को एक बड़ी हलचल देखने को मिली। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने सक्रिय राजनीति की ओर कदम बढ़ाते हुए पटना स्थित जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कार्यालय का दौरा किया। पार्टी दफ्तर पहुँचते ही कार्यकर्ताओं ने 'निशांत कुमार जिंदाबाद' के गगनचुंबी नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से उनके सरकार में शामिल होने की अटकलें तेज थीं।

निशांत कुमार का बड़ा बयान: "सम्राट भाई दिखाएंगे विकास की नई राह"

मीडिया से बातचीत के दौरान निशांत कुमार ने बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अपना 'बड़ा भाई' बताते हुए उन्हें पदभार संभालने पर बधाई दी। निशांत ने कहा:"मैं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मुझे पूरी उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। इस सफर में मेरे पिताजी (नीतीश कुमार) का मार्गदर्शन हमेशा उनके साथ रहेगा।"

उन्होंने उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी को 'अंकल' कहकर संबोधित करते हुए उन्हें भी शुभकामनाएं दीं। निशांत ने साफ किया कि उनका लक्ष्य पार्टी (जेडीयू) और गठबंधन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और नीतीश कुमार के 20 वर्षों के कार्यों को जन-जन तक पहुँचाना है।

डिप्टी सीएम पद को लेकर सस्पेंस: क्यों टली थी बैठक?

सूत्रों के अनुसार, बुधवार को सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण से पहले जेडीयू विधायक दल की बैठक टलने के पीछे निशांत कुमार की 'शर्त' बड़ी वजह मानी जा रही है।

सीधे पद लेने से इनकार: चर्चा है कि निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने तुरंत कोई बड़ा पद लेने से मना कर दिया।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर जोर: सूत्रों का दावा है कि निशांत पहले चुनाव लड़कर विधायक या विधान पार्षद (MLC) बनना चाहते हैं, उसके बाद ही सरकार में कोई जिम्मेदारी संभालना चाहते हैं। उन्हें मनाने की काफी कोशिशें की गईं, लेकिन वे अपनी बात पर अडिग रहे।

बिहार की नई सरकार: चुनौतियां और ताजपोशी

बता दें कि बिहार में राजनीतिक फेरबदल के बाद सम्राट चौधरी ने नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। उनके साथ जेडीयू के कद्दावर नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली है। अब नई सरकार के सामने 'विकसित बिहार' के लक्ष्य को पूरा करने और एनडीए के भीतर सामंजस्य बनाए रखने की बड़ी चुनौती है।

निशांत कुमार की जेडीयू दफ्तर में मौजूदगी और उनके तेवरों से साफ है कि आने वाले समय में वे बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आएंगे।