Recruitment Exam : अब पेपर और कंप्यूटर की छुट्टी ,राजस्थान में टैबलेट पर होंगी सरकारी नौकरी की परीक्षाएं

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News India Live, Digital Desk: Recruitment Exam :  सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे राजस्थान के लाखों युवाओं के लिए यह खबर किसी बड़े बदलाव से कम नहीं है। अब उन्हें ओएमआर शीट या कंप्यूटर पर नहीं, बल्कि सीधे टैबलेट पर परीक्षा देनी होगी। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) ने पेपर लीक और नकल जैसी समस्याओं पर नकेल कसने के लिए यह ऐतिहासिक फैसला लिया है।

बोर्ड के अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया है कि इस नई प्रणाली को लेकर आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास के साथ मिलकर काम चल रहा है और शुरुआती नतीजे भी काफी अच्छे रहे हैं।[1] जल्द ही इस मॉडल को प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।

आखिर क्यों पड़ी टैबलेट की जरूरत?

सालों से भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक, डमी कैंडिडेट और नकल जैसी चुनौतियों से जूझ रही हैं। बार-बार पेपर रद्द होने से न सिर्फ ईमानदार छात्रों का भविष्य दांव पर लगता है, बल्कि सरकार और सिस्टम पर भी सवाल उठते हैं। ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए राज्य में पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार, पूरे राज्य में ऑनलाइन परीक्षा कराने के लिए लाखों कंप्यूटर चाहिए, जबकि फिलहाल सिर्फ 20 हजार ही उपलब्ध हैं, जिनमें से ज्यादातर प्राइवेट कॉलेजों में हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए 'टैबलेट बेस्ड एग्जाम' का नया रास्ता निकाला गया है।

कैसे काम करेगा यह नया सिस्टम?

इस नई व्यवस्था के तहत परीक्षा केंद्रों पर छात्रों को कंप्यूटर या आंसर शीट की जगह एक ख़ास टैबलेट दिया जाएगा।

  • पेपर टैबलेट पर दिखेगा: प्रश्न पत्र सीधे टैबलेट की स्क्रीन पर आएगा।
  • OMR शीट पर देने होंगे जवाब: दिलचस्प बात यह है कि छात्र टैबलेट पर प्रश्न देखकर उसका जवाब पारंपरिक OMR शीट पर ही भरेंगे।
  • नकल और लीक पर लगेगी लगाम: ये टैबलेट एक विशेष सिस्टम से लैस होंगे, जो किसी और मोड में काम नहीं करेगा। प्रश्न पत्र परीक्षा से कुछ मिनट पहले ही एन्क्रिप्टेड फॉर्म में शेयर किया जाएगा, जिससे पेपर लीक की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
  • सरकारी स्कूलों में बनेंगे केंद्र: सबसे अच्छी बात यह है कि इन परीक्षाओं के लिए प्राइवेट संस्थानों की जगह सरकारी स्कूलों को केंद्र बनाया जाएगा, जिससे सुरक्षा और निगरानी बेहतर होगी।

कब से शुरू होंगी टैबलेट पर परीक्षाएं?

बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज के मुताबिक, इस प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले 5 हजार, फिर 10 हजार छात्रों के लिए टैबलेट पर परीक्षा आयोजित की जाएगी।इसके बाद धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि बड़े स्तर की परीक्षाएं भी आसानी से कराई जा सकें। सफल परीक्षणों के बाद उम्मीद है कि अप्रैल महीने से इस सिस्टम को लागू किया जा सकता है।

यह कदम निश्चित रूप से राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे लाखों मेहनती युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा।