बिहार में हार के बाद घर में ही बगावत, JMM ने RJD-कांग्रेस पर फोड़ा ठीकरा, बोले हमें इज्जत नहीं द
News India Live, Digital Desk: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की बंपर जीत और विपक्ष की करारी हार के बाद अब महागठबंधन के अंदर ही तलवारें खिंच गई हैं। हार का दर्द झेल रहा विपक्ष अब एक-दूसरे पर ही हार का ठीकरा फोड़ रहा है। इसी कड़ी में, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बिहार में अपने सहयोगी दलों, खासकर आरजेडी और कांग्रेस पर बड़ा और गंभीर आरोप लगाया है।
JMM की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने हार के लिए सीधे तौर पर आरजेडी-कांग्रेस के अड़ियल रवैये और गठबंधन धर्म का पालन न करने को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने साफ-साफ कहा कि बिहार में JMM के साथ भेदभाव किया गया और हमें वो सम्मान नहीं दिया गया, जिसके हम हकदार थे।
'अगर JMM को साथ रखते, तो आज यह हाल न होता'
महुआ माजी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "झारखंड में हमने गठबंधन धर्म का पालन करते हुए आरजेडी और कांग्रेस को सम्मानजनक सीटें दीं, लेकिन बिहार में हमारे साथ ठीक इसका उलटा हुआ। हमारे नेता (हेमंत सोरेन) की लोकप्रियता बिहार के सीमावर्ती इलाकों में बहुत ज्यादा है। अगर आरजेडी और कांग्रेस ने हमें कुछ सीटें दी होतीं और हेमंत जी ने वहां प्रचार किया होता, तो आज नतीजे कुछ और हो सकते थे।"
उन्होंने आगे कहा कि JMM ने सिर्फ 12 सीटों की मांग की थी, लेकिन आरजेडी और कांग्रेस ने हमारी एक न सुनी। इस नजरअंदाजी का नतीजा यह हुआ कि एनडीए गठबंधन ने उन इलाकों में भी सेंध लगा दी, जहां महागठबंधन आसानी से जीत सकता था।
क्या आपसी घमंड ले डूबा विपक्ष को?
महुआ माजी के बयानों से यह साफ है कि बिहार चुनाव से पहले विपक्ष के 'इंडिया' गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं था। JMM का मानना है कि आरजेडी और कांग्रेस ने बड़े भाई की भूमिका निभाने के बजाय अहंकार दिखाया, जिसका खामियाजा पूरे गठबंधन को भुगतना पड़ा।
उन्होंने कहा, "चुनाव से पहले ही हमने अपनी चिंता जाहिर की थी, लेकिन हमारी बात को अनसुना कर दिया गया। अब हार के बाद समीक्षा करने का क्या फायदा? जो नुकसान होना था, वो तो हो चुका है।"
JMM के इस बगावती सुर ने बिहार में विपक्ष की हार के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। एक तरफ जहां एनडीए अपनी जीत का जश्न मना रहा है, वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन में इस बात पर मंथन शुरू हो गया है कि आखिर गलती कहां हुई? और इस सवाल का जवाब खोजने की कोशिश में, गठबंधन के अंदर की दरारें अब खुलकर सामने आ गई हैं।