RCB's big Decision: भुवी को टीम में लाने के लिए क्यों छोड़ा गया सिराज को, जानें पूरी कहानी
News India Live, Digital Desk: RCB's big Decision: आईपीएल में खिलाड़ियों को टीम में रोकना या छोड़ना हमेशा से एक पहेली भरा काम रहा है, और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के फैसले अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. 2025 आईपीएल नीलामी से पहले, जब आरसीबी ने मोहम्मद सिराज को रिलीज कर दिया था, तो कई फैंस को झटका लगा था. लेकिन, टीम के क्रिकेट डायरेक्टर, मो बोबाट (Mo Bobat) ने अब इस फैसले के पीछे की पूरी कहानी बताई है.
भुवनेश्वर कुमार RCB की प्राथमिकता में क्यों थे?
मो बोबाट के मुताबिक, टीम ने मोहम्मद सिराज को हटाने से पहले इस पर सबसे लंबा विचार-विमर्श किया था. उन्होंने खुलासा किया कि उनकी टीम अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को अपने साथ जोड़ना चाहती थी, क्योंकि भुवी नई गेंद और डेथ ओवर, दोनों में अच्छी गेंदबाजी कर सकते हैं. बोबाट ने कहा, “हम भुवी को दोनों छोर से गेंदबाजी करवाने के लिए टीम में लेना चाहते थे, और हमें लगा कि सिराज को टीम में बनाए रखने से भुवी को हासिल करना मुश्किल हो जाता. इसलिए हमने कई बातों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया.”
भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल 2025 में आरसीबी की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने 14 मैचों में 17 विकेट लिए, जबकि सिराज ने गुजरात टाइटन्स के लिए 15 मैचों में 16 विकेट लिए थे.
सिराज को रिलीज करने का मुश्किल फैसला
बोबाट ने बताया कि सिराज, जिन्होंने आरसीबी के लिए 7 साल में 102 मैचों में 99 विकेट लिए थे, उन्हें रिलीज करना एक मुश्किल फैसला था. उनका कहना था कि भारतीय अंतर्राष्ट्रीय गेंदबाज आसानी से नहीं मिलते, इसलिए उन्होंने इस बारे में काफी देर तक सोचा था कि क्या सिराज को रिटेन किया जाए, रिलीज किया जाए या ऑक्शन में 'राइट टू मैच' (Right to Match) के ज़रिए वापस लाया जाए. उन्होंने सिराज के साथ हर संभावना पर बातचीत की थी
आखिरकार, आरसीबी ने जोश हेज़लवुड को ₹12.50 करोड़ में और भुवनेश्वर कुमार को ₹10.75 करोड़ में खरीदा. सिराज को गुजरात टाइटन्स ने ₹12.25 करोड़ में खरीदा था.
बोबाट ने यह भी बताया कि ऑस्ट्रेलियन ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन को भी चोट के चलते रिटेन नहीं किया गया, अगर वह फिट होते तो उन्हें ज़रूर टीम में रखा जाता.उन्होंने यह भी साफ किया कि यह सिर्फ एक वजह नहीं थी, बल्कि ऐसे कई कारक थे जो टीम के इस निर्णय में शामिल थे.
इस फैसले से यह पता चलता है कि किसी भी टीम के लिए नीलामी के दौरान पैसों का प्रबंधन और खिलाड़ियों के संतुलन को बनाए रखना कितना ज़रूरी होता है.