RBI New Guidelines : 4 अक्टूबर से बदल जाएगा चेक से जुड़ा ये नियम, अगर आप भी करते हैं इस्तेमाल तो ज़रूर जान लें
News India Live, Digital Desk: RBI New Guidelines : चेक (Cheque) से पेमेंट करने वालों के लिए एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर आ रही है. वो दिन अब जल्द ही लदने वाले हैं, जब आपका लगाया हुआ चेक क्लियर होने में एक से दो दिन का लंबा इंतज़ार करना पड़ता था. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में चेक क्लीयरेंस सिस्टम में एक क्रांतिकारी बदलाव करने की तैयारी में है, जिससे यह प्रक्रिया घंटों या दिनों के बजाय मिनटों में पूरी हो जाएगी.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 4 अक्टूबर, 2025 से चेक पेमेंट के नियमों में एक बड़ा बदलाव लागू हो सकता है, जिससे बिजनेस करने वालों और आम लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी.
क्या है मौजूदा सिस्टम और इसमें क्यों लगता है वक्त?
अभी देश में 'चेक ट्रंकेशन सिस्टम' (CTS) लागू है. इस सिस्टम में, जब आप किसी बैंक में चेक जमा करते हैं, तो उस बैंक का कर्मचारी फिजिकल चेक की फोटो खींचकर, यानी उसे डिजिटाइज़ करके क्लीयरेंस के लिए भेजता है. इस पूरी प्रक्रिया में, जिसमें डेटा का मिलान और फंड ट्रांसफर शामिल है, आमतौर पर 24 से 48 घंटे तक लग जाते हैं. त्योहारों या छुट्टियों के दिन यह समय और भी बढ़ जाता है.
अब नया क्या होने वाला है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एक नया और ज़्यादा एडवांस सिस्टम तैयार किया है. इस नए सिस्टम में 'पॉजिटिव पे सिस्टम' (Positive Pay System) को और मजबूत बनाया जाएगा.
- कैसे काम करेगा नया सिस्टम: अब जब कोई व्यक्ति 5 लाख रुपये या उससे ज़्यादा का चेक जारी करेगा, तो उसे अपने बैंक को चेक की पूरी जानकारी (जैसे चेक नंबर, तारीख, राशि और किसे दिया गया है) पहले से ही देनी होगी.
- तुरंत होगा मिलान: जब यह चेक बैंक में जमा होगा, तो CTS के जरिए इसकी जानकारी और जारी करने वाले व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी का सिस्टम द्वारा तुरंत मिलान किया जाएगा.
- मिनटों में क्लीयरेंस: अगर दोनों जानकारियाँ मैच हो जाती हैं, तो चेक को मिनटों में ही क्लीयरेंस दे दिया जाएगा और पैसा ट्रांसफर हो जाएगा.
इस बदलाव के क्या होंगे बड़े फायदे?
- पैसों का तुरंत फ्लो: व्यापारियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं होगा. उन्हें पेमेंट के लिए अब लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा, जिससे बिजनेस में कैश फ्लो बेहतर होगा.
- धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम: 'पॉजिटिव पे' की वजह से चेक के साथ होने वाली धोखाधड़ी, जैसे किसी का जाली हस्ताक्षर करना या राशि में बदलाव करना, लगभग नामुमकिन हो जाएगा.
- समय की बचत: आम लोगों को भी चेक लगाकर उसके क्लियर होने का लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा.
हालांकि RBI की तरफ से इसकी कोई आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि यह नया नियम अक्टूबर की शुरुआत से लागू किया जा सकता है. यह बदलाव देश में डिजिटल पेमेंट को और बढ़ावा देने और बैंकिंग सिस्टम को ज़्यादा तेज और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम साबित होगा