Ranchi Municipal Election : शहर में धारा-163 लागू; रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर पर रोक, जानें क्या करें और क्या नहीं

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News India Live, Digital Desk : नगर निगम चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही राजधानी रांची में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) प्रभावी हो गई है। चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए सदर अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) ने पूरे नगर निगम क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 (पूर्व में धारा-144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

यह आदेश चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त दंडात्मक कार्रवाई करेगा।

 इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

प्रशासन ने चुनाव के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए निम्नलिखित पाबंदियां लगाई हैं:

जुलूस और सभा: बिना पूर्व अनुमति के कोई भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी सभा, रैली, धरना या प्रदर्शन नहीं कर सकेगा।

हथियार प्रदर्शन: लाइसेंसी हथियार, लाठी, भाला, तीर-धनुष या किसी भी घातक वस्तु को लेकर चलने या उनके प्रदर्शन पर रोक है।

भीड़ पर पाबंदी: शांति भंग करने की मंशा से एक स्थान पर 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर पाबंदी रहेगी।

प्रचार सामग्री: सरकारी या सार्वजनिक संपत्तियों पर पोस्टर चिपकाना, नारा लिखना या झंडा लगाना वर्जित है। निजी संपत्ति पर भी मालिक की लिखित अनुमति अनिवार्य है।

धार्मिक स्थल: मंदिर, मस्जिद या अन्य धार्मिक स्थलों का उपयोग राजनीतिक प्रचार या भाषण के लिए नहीं किया जा सकेगा।

 लाउडस्पीकर और सोशल मीडिया के लिए नियम

ध्वनि विस्तारक यंत्र: रात 10:00 बजे से सुबह 06:00 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर पूर्ण रोक रहेगी। दिन में भी इसके उपयोग के लिए लिखित अनुमति आवश्यक है।

सोशल मीडिया पर नजर: व्हाट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर किसी जाति, धर्म या समुदाय के खिलाफ भड़काऊ संदेश या आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर जेल हो सकती है।

 इन्हें मिलेगी विशेष छूट

प्रशासन ने आम जनजीवन को प्रभावित होने से बचाने के लिए कुछ श्रेणियों को इस आदेश से बाहर रखा है:

शादी और शवयात्रा: पूर्व अनुमति प्राप्त शादी-बारात और अंतिम संस्कार के जुलूस।

शिक्षा और स्वास्थ्य: स्कूल-कॉलेज के छात्र, परीक्षा केंद्र और अस्पताल जा रहे मरीज।

दैनिक गतिविधि: हाट-बाजार, कैंटोनमेंट क्षेत्र और ड्यूटी पर तैनात सरकारी व पुलिस कर्मी।

परंपरा: वे समुदाय जो पारंपरिक रूप से शस्त्र धारण करते हैं।

आचार संहिता का उल्लंघन यानी सीधी कार्रवाई

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाताओं को डराना, प्रलोभन देना (शराब, पैसा या उपहार बांटना) या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करना गंभीर अपराध माना जाएगा। आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत आप संबंधित थाना या जिला निर्वाचन कार्यालय के कंट्रोल रूम में कर सकते हैं।