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March 24 2026 08:39 pm

Ranchi Gas Crisis : रांची में गहराया रसोई गैस का संकट पैनिक बुकिंग ने बिगाड़ा खेल, 3000 से ज्यादा सिलेंडरों का बैकलॉग

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News India Live, Digital Desk: झारखंड की राजधानी रांची में इन दिनों एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत ने हाहाकार मचा रखा है। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह 3 बजे से ही लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन इसके बावजूद कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इस संकट को और गंभीर बना दिया है 'पैनिक बुकिंग' ने। लोग जरूरत न होने पर भी बार-बार सिलेंडर बुक कर रहे हैं, जिससे वेटिंग लिस्ट (Backlog) लंबी होती जा रही है। अकेले रांची शहर की कई एजेंसियों में 3000 से अधिक सिलेंडरों की डिलीवरी पेंडिंग है, जिससे होम डिलीवरी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

क्यों पैदा हुई यह स्थिति? 3 मुख्य कारण

ईरान-इजरायल युद्ध का असर: पश्चिमी एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का 60% गैस आयात करता है, जिसमें खाड़ी देशों की बड़ी हिस्सेदारी है।

सप्लाई में कटौती: केंद्र सरकार के हालिया निर्देशों के बाद कमर्शियल गैस की सप्लाई में करीब 80% तक की कटौती की गई है। इसका सीधा असर अब घरेलू गैस की उपलब्धता पर भी दिख रहा है।

अफवाहें और डर: सोशल मीडिया पर 'गैस खत्म होने' की अफवाहों के चलते उपभोक्ताओं में डर बैठ गया है। लोग स्टॉक जमा करने के चक्कर में एडवांस बुकिंग कर रहे हैं, जिससे सॉफ्टवेयर सिस्टम पर भी दबाव बढ़ गया है।

प्रशासन का एक्शन: "अफवाहों पर न दें ध्यान"

रांची के उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजंत्री ने इस स्थिति पर सख्त रुख अपनाया है:

निरीक्षण के आदेश: जिला प्रशासन की टीमें लगातार गैस गोदामों का निरीक्षण कर रही हैं ताकि कालाबाजारी (Black Marketing) को रोका जा सके।

PNG पर जोर: प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे एलपीजी के विकल्प के तौर पर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन अपनाएं, जिसकी पहुंच शहर में बढ़ाई जा रही है।

हेल्पलाइन नंबर: कालाबाजारी की शिकायत के लिए 'अबुआ साथी' हेल्पलाइन (9430328080) जारी की गई है।

आम जनता और व्यवसाय पर असर

गैस की किल्लत का सबसे बुरा असर मेस संचालकों, छोटे होटल मालिकों और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ा है। कई इलाकों में लोग अब दोबारा कोयले के चूल्हे या इंडक्शन कुकटॉप का सहारा लेने को मजबूर हैं। व्यवसायियों का कहना है कि यदि सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई, तो उन्हें अपने प्रतिष्ठान बंद करने पड़ सकते हैं। हालांकि, तेल कंपनियों का दावा है कि आने वाले 5-6 दिनों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी।