राजस्थान: देवली-उनियारा में थप्पड़ कांड के बाद नरेश मीणा पर 25 पैसे का इनाम

राजस्थान: देवली-उनियारा में थप्पड़ कांड के बाद नरेश मीणा पर 25 पैसे का इनाम

राजस्थान के टोंक जिले की देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव की वोटिंग के दौरान भड़की हिंसा और प्रशासनिक बवाल के बाद से राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था में जबर्दस्त हड़कंप मचा हुआ है। वोटिंग के दिन ड्यूटी पर तैनात उपखंड अधिकारी (SDM) अमित चौधरी को खुलेआम थप्पड़ मारने वाले निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा की तलाश में पुलिस प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। घटना के बाद से ही समरावता गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए टोंक जिला पुलिस ने फरार चल रहे नरेश मीणा की त्वरित गिरफ्तारी के लिए 5 अलग-अलग थानों की संयुक्त टीमों का गठन किया है। वहीं, मामले में एक बेहद दिलचस्प और अनोखा मोड़ तब आया जब पुलिस प्रशासन ने नरेश मीणा के ऊपर 25 पैसे का सांकेतिक इनाम घोषित कर दिया। पुलिस के इस अनूठे कदम का मकसद आरोपी की आपराधिक गतिविधियों पर तंज कसने के साथ-साथ उसकी लोकेशन का सुराग देने वालों को आगे लाने के लिए एक कड़ा संदेश देना माना जा रहा है।

5 थानों की स्पेशल टीमों ने फार्म हाउस पर मारा छापा, पुलिस पर पथराव करने वाले 2 आरोपी दबोचे गए

नरेश मीणा और उसके सहयोगियों की धरपकड़ के लिए राजस्थान पुलिस ने पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान (Search Operation) चला रखा है। खुफिया सूचनाओं और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस की टीमों ने नरेश मीणा के संभावित ठिकानों, जिनमें उसके वफादारों के फार्म हाउस और गुप्त ठिकाने शामिल हैं, पर ताबड़तोड़ छापेमारी की कार्रवाई की है। एक प्रमुख फार्म हाउस पर दी गई दबिश के दौरान पुलिस ने मौके से दो मुख्य सहयोगियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इन आरोपियों पर हिंसा के दिन पुलिस टीमों पर पथराव करने, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ करने और कानून-व्यवस्था में बाधा डालने के गंभीर आरोप हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के बाद नरेश मीणा को किन-किन लोगों ने पनाह दी और वह इस समय किस सुरक्षित ठिकाने पर छिपा हुआ है।

समरावता गांव में तनावपूर्ण शांति, पुलिस बल तैनात और उपद्रवियों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी

थप्पड़ कांड और उसके बाद समरावता गांव में हुए उपद्रव, आगजनी व पथराव की घटना के बाद से पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए राजस्थान पुलिस के साथ-साथ अतिरिक्त आरएसी (RAC) की टुकड़ियों को तैनात किया गया है। टोंक जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार ग्राउंड ज़ीरो पर कैंप कर रहे हैं और स्थानीय ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कानून को अपने हाथ में लेने वाले, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले और फरार आरोपी को शरण देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारी संघों ने एसडीएम के साथ हुई बदसलूकी और मारपीट के विरोध में आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई और त्वरित गिरफ्तारी की मांग को लेकर मोर्चा खोल रखा है। पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और दावा कर रही हैं कि आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।