राजस्थान में प्री-मानसून ने बढ़ाई रफ्तार, अगले 5 दिनों तक आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का दौर
भीषण गर्मी और झुलसाने वाली लू झेल रहे राजस्थान के वासियों के लिए मौसम विभाग से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। मरुधरा में प्री-मानसून की दस्तक तेज हो गई है, जिसके कारण प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के जयपुर केंद्र ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए आगामी 5 दिनों तक राज्य के अधिकांश जिलों में तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। इस मौसमी बदलाव के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस और तपिश से बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है।
अगले 5 दिन बादलों की गर्जना और 50KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं जयपुर मौसम केंद्र के मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक नए सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आ रही नम हवाओं के चलते राजस्थान के ऊपर एक मजबूत चक्रवाती सिस्टम तैयार हुआ है। इसके प्रभाव से आगामी 5 दिनों तक पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इस दौरान आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने की पूरी आशंका है। मौसम विभाग का कहना है कि प्री-मानसून की यह सक्रियता मानसून के आगे बढ़ने के लिए बेहद अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर रही है।
जयपुर, उदयपुर और कोटा समेत इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, प्री-मानसून की इस तूफानी पारी का सबसे ज्यादा असर हाड़ौती, मेवाड़ और ढूंडहाड़ क्षेत्र में देखने को मिलेगा। राजधानी जयपुर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, अजमेर और टोंक जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। वहीं दूसरी तरफ, मरुस्थल के जिलों जैसे जोधपुर, बीकानेर, चुरू और नागौर में भी तेज धूलभरी आंधी के साथ हल्की बौछारें गिरने से दिन के तापमान में उल्लेखनीय कमी आने के आसार हैं।
भीषण लू का दौर खत्म, तापमान में 6 डिग्री तक की भारी गिरावट पिछले कई हफ्तों से पूरा राजस्थान भट्टी की तरह तप रहा था और कई शहरों में पारा 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका था। चिलचिलाती धूप के कारण दोपहर के समय जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त था। लेकिन पिछले 24 घंटों में हुई प्री-मानसून की बारिश के बाद प्रदेश के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को अब ठंडी हवाओं के चलने से बड़ी राहत मिली है। शाम के समय मौसम सुहावना होने के कारण बाजारों और पर्यटन स्थलों पर भी रौनक लौटने लगी है।
मौसम विभाग की आम जनता और किसानों के लिए विशेष गाइडलाइन तेज आंधी-तूफान और वज्रपात (आकाशीय बिजली) के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और जयपुर मौसम केंद्र ने एक एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत आंधी के दौरान लोगों को सुरक्षित पक्के मकानों के अंदर रहने की सलाह दी गई है। पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने को कहा गया है। इसके साथ ही, खेतों में काम कर रहे किसान भाइयों से अपील की गई है कि मौसम खराब होने पर वे तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और अपने पशुओं को भी खुले में न बांधें। जलभराव वाले निचले इलाकों में जाने से बचने के निर्देश दिए गए हैं।