ब्रह्माकुमारीज के मंच से नितिन नबीन की बड़ी बातें

ब्रह्माकुमारीज के मंच से नितिन नबीन की बड़ी बातें

सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान और समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका को लेकर देश भर में जारी विमर्श के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री नितिन नबीन ने एक बड़ा बयान दिया है। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एक भव्य आध्यात्मिक और सामाजिक सम्मेलन के मंच को संबोधित करते हुए नितिन नबीन ने कहा कि भारत का आने वाला स्वर्णिम भविष्य केवल दो मजबूत स्तंभों—सनातन परंपराओं और मातृशक्ति की असीम ऊर्जा—के बल पर ही गढ़ा जाएगा। आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक समाज अपनी प्राचीन सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ा रहेगा और महिलाओं को नेतृत्व के अग्रिम मोर्चे पर रखेगा, तब तक दुनिया की कोई भी ताकत भारत को विश्व गुरु बनने से नहीं रोक सकती। ब्रह्माकुमारीज संस्थान के शांति सरोवर परिसर में आयोजित इस गरिमामय समारोह में देश-विदेश से आए सैकड़ों साधकों, बुद्धिजीवियों और गणमान्य हस्तियों की मौजूदगी में नितिन नबीन के इस ओजस्वी संबोधन की हर तरफ सराहना हो रही है।

ब्रह्माकुमारीज के आध्यात्मिक मंच से नितिन नबीन का विचारोत्तेजक और प्रेरक संबोधन

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय हमेशा से ही चरित्र निर्माण, ध्यान और मूल्य आधारित शिक्षा के लिए जाना जाता है। इस विशेष मंच का उपयोग करते हुए नितिन नबीन ने भारतीय समाज की वर्तमान दिशा और दशा पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया तकनीकी प्रगति के साथ-साथ मानसिक तनाव, वैचारिक भटकाव और भौतिकवादी विकृतियों से जूझ रही है, तब सनातन जीवन शैली ही मानवता को सही राह दिखाने का काम कर रही है। सनातन का अर्थ केवल पूजा-पाठ या धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वसुधैव कुटुंबकम और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की एक महान जीवन दृष्टि है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज जैसी संस्थाएं पिछले कई दशकों से निस्वार्थ भाव से समाज में शांति, पवित्रता और भ्रातृभाव की अलख जगा रही हैं, जो आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

राष्ट्र निर्माण और सामाजिक परिवर्तन में 'मातृशक्ति' का अतुलनीय योगदान

अपने संबोधन के दौरान नितिन नबीन ने महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज में उनकी केंद्रीय भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय चिंतन में नारी को केवल एक व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि 'साक्षात शक्ति' और 'सृजन की जननी' के रूप में देखा गया है। ब्रह्माकुमारीज संस्थान इसका सबसे प्रत्यक्ष और जीवंत उदाहरण है, जहाँ प्रशासनिक कमान से लेकर आध्यात्मिक मार्गदर्शन तक का संपूर्ण संचालन मातृशक्ति द्वारा अत्यंत कुशलता के साथ किया जा रहा है। नितिन नबीन ने कहा कि जब एक महिला शिक्षित, आत्मनिर्भर और आध्यात्मिक रूप से सशक्त होती है, तो वह केवल एक परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरी आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में चल रही महिला केंद्रित विकास (Women-Led Development) की नीतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत की बेटियां अंतरिक्ष अनुसंधान से लेकर सीमा की सुरक्षा तक हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।

सनातन मूल्यों का संरक्षण ही आधुनिक भारत की असली ताकत और पहचान है

कैबिनेट मंत्री नितिन नबीन ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि आधुनिकता का अर्थ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक जड़ों को भूल जाना बिल्कुल नहीं है। सच्चा विकास वही है जहाँ आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और हमारी सनातन परंपराओं का सुंदर संतुलन हो। उन्होंने कहा कि जब युवा वर्ग सनातन मूल्यों को अपने आचरण में उतारेगा, तभी समाज से अपराध, भ्रष्टाचार और नफरत का खात्मा संभव हो सकेगा। सनातन धर्म ने हमेशा से ही करुणा, दया, अहिंसा और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण का संदेश दिया है। आज पूरा विश्व भारत के इस आध्यात्मिक ज्ञान की ओर आकर्षित हो रहा है, और इसमें ब्रह्माकुमारीज जैसी संस्थाओं की राजयोग साधना और जीवन मूल्यों का बहुत बड़ा योगदान है, जो लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

शांति, सद्भाव और समृद्ध भारत के निर्माण का आह्वान: सम्मेलन से निकला बड़ा संदेश

कार्यक्रम के समापन सत्र में नितिन नबीन ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं और साधकों से आह्वान किया कि वे इस मंच से दिए गए शांति और शक्ति के संदेश को अपने दैनिक जीवन और कार्यक्षेत्र में उतारें। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा और मातृशक्ति का सम्मान करना हर नागरिक का परम कर्तव्य है। यदि हम सब मिलकर इस रास्ते पर चलेंगे, तो एक सशक्त, समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भारत का निर्माण बहुत तेजी से पूरा होगा। सम्मेलन के अंत में ब्रह्माकुमारीज की वरिष्ठ बहनों द्वारा मंत्री नितिन नबीन को स्मृति चिन्ह और ईश्वरीय सौगात भेंट कर सम्मानित किया गया। इस पूरे आयोजन ने समाज में नैतिक मूल्यों के पुनर्जागरण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नई और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया है।