पटना में खरगे के पुतले पर बवाल, सायरन सुनते ही बाइक से भागा युवक

पटना में खरगे के पुतले पर बवाल, सायरन सुनते ही बाइक से भागा युवक

बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर उस समय एक बेहद अजीब और हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुतले के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं का पुलिस के साथ चूहे-बिल्ली का खेल शुरू हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी और विवादित बयानबाज़ी के बाद भड़के भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटना के मुख्य चौराहे पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था। लेकिन जैसे ही पुलिस गश्ती दल की गाड़ियों का सायरन गूंजा, एक भाजपा कार्यकर्ता खरगे के पुतले को उठाकर अपनी बाइक पर पीछे लादकर सरपट भाग निकला। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद कैमरों में कैद हो गया और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस अनोखे और अफरा-तफरी भरे प्रदर्शन ने पटना की सड़कों पर भारी राजनीतिक गर्माहट पैदा कर दी है, जहाँ एक ओर भाजपा कार्यकर्ता आक्रामक मूड में नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस बल शहर की कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है।

विवादित बयान से भड़का सियासी तूफान: पटना की सड़कों पर उतरा भाजपा का प्रचंड आक्रोश

विवाद की मुख्य जड़ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा एक जनसभा के दौरान दिया गया वह विवादित बयान है, जिसमें उन्होंने देश के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया था। जैसे ही इस बयान की खबर मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए फैली, पूरे देश के साथ-साथ बिहार की राजधानी पटना में भी भाजपा समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। पटना के डाकबंगला चौराहे और आयकर गोलंबर के पास सैकड़ों की संख्या में भाजपा युवा मोर्चा और पार्टी के कार्यकर्ता हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर इकट्ठा हुए। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कांग्रेस नेतृत्व को 'संस्कारहीन' और 'मर्यादाविहीन' करार दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वीकार्य हो सकते हैं, लेकिन देश के प्रधानमंत्री और उनके पूर्वजों पर अभद्र टिप्पणी करना भारतीय संस्कृति और राजनीतिक शुचिता का सीधा अपमान है।

सायरन गूंजते ही बाइक पर पुतला लादकर रफूचक्कर हुआ कार्यकर्ता: पुलिस रह गई हक्की-बक्की

पटना के व्यस्त चौराहे पर जब भाजपा कार्यकर्ता पुतला दहन करने ही वाले थे, तभी वहां सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस की गाड़ियों का सायरन जोर-जोर से बजने लगा। पुलिसकर्मियों को अपनी ओर आता देख पुतला फूंकने की रणनीति में तुरंत बदलाव किया गया। कार्रवाई और जब्ती के डर से एक अति-उत्साही भाजपा कार्यकर्ता ने पुतले को झपट्टा मारकर उठाया, बाइक पर पीछे बैठे साथी के साथ लादा और फुल स्पीड में बाइक दौड़ाकर वहां से रफूचक्कर हो गया। पुलिस के जवान गाड़ियों और पैदल ही उसके पीछे दौड़े, लेकिन ट्रैफिक और संकरी गलियों का फायदा उठाकर कार्यकर्ता पुतले को सुरक्षित स्थान पर ले जाने में कामयाब रहा। इस पूरे ड्रामे को देखकर चौराहे पर मौजूद आम राहगीर और मीडियाकर्मी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। पुलिस अधिकारी थोड़ी देर के लिए हक्के-बक्के रह गए, हालांकि बाद में अतिरिक्त बल बुलाकर चौराहे पर व्यवस्था को सुचारू कराया गया।

कांग्रेस दफ्तर का घेराव करने की चेतावनी: भाजपा नेताओं ने दी अनिश्चितकालीन आंदोलन की धमकी

पुतला कांड के इस ड्रामे के बाद पटना में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। नेताओं ने स्पष्ट किया कि खरगे के इस अमर्यादित बयान को बिहार की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जब तक कांग्रेस अध्यक्ष देश की जनता और प्रधानमंत्री से सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी नहीं मांग लेते, तब तक यह विरोध प्रदर्शन थमने वाला नहीं है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि वे आने वाले दिनों में सदाकत आश्रम (पटना स्थित राज्य कांग्रेस मुख्यालय) का घेराव करेंगे और राज्य भर के जिला मुख्यालयों पर चरणबद्ध आंदोलन चलाएंगे। नेताओं का आरोप है कि चुनाव में लगातार मिल रही हार से बौखलाकर कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अपनी मानसिक संतुलन खो चुका है और घटिया भाषा पर उतर आया है।

पटना की सियासत पर असर: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना—आगामी चुनावों में बनेगा बड़ा मुद्दा

बिहार की राजनीति में जुबानी जंग हमेशा से तीखी रही है, लेकिन पटना की सड़कों पर हुए इस ड्रामे ने आगामी राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्मा दिया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी पर व्यक्तिगत हमला करना हमेशा से विपक्ष के लिए राजनीतिक रूप से नुकसानदेह साबित हुआ है। भाजपा इस मुद्दे को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है और आम जनता के बीच कांग्रेस की 'संस्कारहीनता' का नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रही है। दूसरी तरफ, पटना पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा गश्त बढ़ा दी है ताकि दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच सीधी मुठभेड़ की स्थिति न पैदा हो। सायरन सुनते ही बाइक पर पुतला लेकर भागने की यह घटना अब बिहार के सियासी गलियारों में चटकारे लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है।