जिस सड़क के लिए गांव वालों ने जुटाया चंदा, उसी के निर्माण में गई 8 मजदूरों की जान

जिस सड़क के लिए गांव वालों ने जुटाया चंदा, उसी के निर्माण में गई 8 मजदूरों की जान

विकास और तरक्की की बयार जब गांवों तक पहुंचती है, तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहता। सड़क जैसी बुनियादी सुविधा पाने के लिए जब एक गांव के लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई से आपसी चंदा जुटाकर सड़क निर्माण का बीड़ा उठाया, तो उन्होंने शायद ही सपने में सोचा होगा कि यह खुशी उनके लिए मातम में बदल जाएगी। देश के एक ग्रामीण इलाके में सड़क निर्माण का काम चल रहा था, तभी ऊपर से गुजर रही हाई-tension 11,000 वोल्ट की बिजली लाइन का कहर ऐसा टूटा कि मौके पर काम कर रहे 8 मजदूरों की झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और गांव की खुशियां पलभर में आंसुओं में तब्दील हो गईं। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली दुर्घटना ने प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

#1. चंदे के पैसों से बन रही थी गांव की सड़क, किसी को नहीं थी अनहोनी की भनक

घटना के बारे में स्थानीय लोगों ने बताया कि उनके गांव की मुख्य सड़क लंबे समय से बदहाल थी और प्रशासनिक सुस्ती के कारण सड़क नहीं बन पा रही थी। गांव के लोगों ने आपस में बैठक कर चंदा इकट्ठा किया और अपने स्तर पर ही पक्की सड़क बनवाने का फैसला किया, ताकि बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को कीचड़ और गड्ढों से भरी सड़कों से मुक्ति मिल सके। सड़क पर डामरीकरण और कंक्रीट बिछाने का काम तेजी से चल रहा था। दर्जनों मजदूर सुबह से ही पूरी मेहनत और लगन के साथ काम में जुटे हुए थे। किसी को भी इस बात का अंदेशा नहीं था कि जिस रास्ते को वे गांव के विकास के लिए सुगम बना रहे हैं, वही रास्ता उनके लिए मौत का फंदा बन जाएगा।

#1. 11 हजार वोल्ट का हाई-वोल्टेज करंट: जब अचानक काल बनकर टूट पड़ी लापरवाही

सड़क निर्माण के दौरान मौके पर एक भारी-भरकम कंक्रीट मिक्सर मशीन और लोहे के पोल का इस्तेमाल किया जा रहा था। सड़क के ठीक ऊपर से बिजली विभाग की 11,000 वोल्ट की हाई-टेंशन लाइन गुजर रही थी। काम के दौरान जैसे ही मजदूरों ने मशीन या लोहे के सरिए को आगे बढ़ाया, वह नीचे लटक रहे या कमजोर हो चुके हाई-वोल्टेज तार के संपर्क में आ गया। बिजली का झटका इतना जबरदस्त था कि करंट पूरी मशीन और आसपास की जमीन पर फैल गया। जब तक कोई कुछ समझ पाता या बिजली काटने की कोशिश करता, तब तक वहां काम कर रहे मजदूर एक-एक करके करंट की चपेट में आ चुके थे।

#1. पलभर में बिछ गईं 8 लाशें: चीख-पुकार के बीच मची भगदड़ और दर्दनाक मंजर

हाथों में उम्मीद और चेहरे पर मेहनत की थकान लिए काम कर रहे मजदूरों की चीखें सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े। करंट का प्रवाह इतना तेज था कि कोई भी तुरंत पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। जब तक बिजली सप्लाई बंद करवाई गई और घायलों को संभाला गया, तब तक 8 मजदूरों की मौके पर ही झुलसकर मौत हो चुकी थी। कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटनास्थल पर बिखरे पड़े सामान और मृत मजदूरों के बिखरे शवों को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

#1. प्रशासन और बिजली विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, मुआवजे की मांग

इस भीषण हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और नेताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि आबादी वाले और सड़क निर्माण क्षेत्र के ऊपर से गुजर रही इस खतरनाक हाई-टेंशन लाइन को हटाने के लिए कई बार बिजली विभाग को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन विभाग ने हमेशा उदासीनता दिखाई। यदि समय रहते तारों की ऊंचाई बढ़ाई जाती या बिजली बंद की जाती, तो यह अनहोनी टाली जा सकती थी। जिला प्रशासन ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है, लेकिन उन 8 मजदूरों की मौत से उजड़े परिवारों की भरपाई कोई नहीं कर सकता।