CEC विवाद पर सीएम भजनलाल शर्मा का राहुल गांधी पर तीखा पलटवार: बिना सबूत संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का लगाया आरोप

CEC विवाद पर सीएम भजनलाल शर्मा का राहुल गांधी पर तीखा पलटवार: बिना सबूत संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का लगाया आरोप

देश के निर्वाचन तंत्र और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को लेकर छिड़े राजनीतिक घमासान के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला है। जयपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल एक अपुष्ट रिपोर्ट के सहारे भारत के सर्वोच्च संवैधानिक निकायों पर प्रश्नचिह्न लगाना लोकतांत्रिक परंपराओं को आघात पहुंचाने जैसा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस तथ्य और साक्ष्य के देश की निष्पक्ष चुनावी संस्थाओं पर अंगुली उठाना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुका है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ भी मुख्यमंत्री के साथ मंच पर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब-जब कांग्रेस चुनावी मैदान में शिकस्त खाती है, वह अपनी संगठनात्मक कमजोरियों और जनता द्वारा नकारे जाने के कारणों का आत्ममंथन करने के बजाय सीधे संस्थाओं की साख पर प्रहार करने लगती है। यह रवैया न केवल राजनीतिक हताशा को दर्शाता है बल्कि स्वतंत्र भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को भी चोट पहुंचाता है।

राहुल गांधी पर विदेशी मंचों से देश की साख को ठेस पहुंचाने का गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राहुल गांधी के पुराने बयानों और विदेशी दौरों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व निरंतर वैश्विक मंचों पर भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास करता रहा है। उन्होंने कहा कि देश के भीतर राजनीतिक मतभेद होना एक स्वाभाविक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, परंतु जब कोई जिम्मेदार नेता सीमाओं से बाहर जाकर अपनी ही व्यवस्था और संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करता है, तो उससे पूरे राष्ट्र की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है।

सीएम ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के मतदाताओं के विवेक पर भरोसा करने के बजाय तरह-तरह के नैरेटिव गढ़ने में जुटी रहती है। उन्होंने कहा कि भारत का चुनाव आयोग दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने वाला निकाय है, जिसकी सराहना वैश्विक स्तर पर की जाती है। ऐसे प्रतिष्ठित संस्थान और उसके शीर्ष अधिकारियों पर बिना किसी सत्यापन के आक्षेप लगाना अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना आचरण है।

सीएम भजनलाल शर्मा ने राहुल गांधी से पूछे तीखे सवाल: सबूत दें या देश से मांगें माफी

मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस आलाकमान से सीधे सवाल करते हुए कहा कि यदि उनके पास लगाए गए आरोपों के पक्ष में कोई वास्तविक दस्तावेज या प्रमाण हैं, तो उन्हें बंद कमरों या मीडिया बयानों के बजाय सार्वजनिक पटल पर देश की जनता के सामने प्रस्तुत करना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चुनौती देते हुए पूछा कि यदि कांग्रेस नेतृत्व इन आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत पेश करने में विफल रहता है, तो क्या राहुल गांधी अपने गैर-जिम्मेदाराना बयानों के लिए देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे? मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में भाषण की स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं है कि बिना किसी आधार के देश की सर्वोच्च संस्थाओं के प्रमुखों पर लांछन लगा दिया जाए।

संवैधानिक संस्थाओं पर हमलों से और रसातल में जाएगी कांग्रेस: सीएम की दो टूक नसीहत

राजस्थान के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को लगातार बदनाम करने की नीति कांग्रेस को कोई राजनीतिक लाभ नहीं पहुंचाएगी, बल्कि इससे पार्टी जनता के बीच और अधिक अलग-थलग पड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि आज देश की जनता परिपक्व हो चुकी है और वह विकास, सुशासन व राष्ट्रहित की राजनीति को प्राथमिकता देती है। जनता ने कांग्रेस के इस नकारात्मक प्रचार को बार-बार खारिज किया है, फिर भी पार्टी अपनी गलतियों से सबक सीखने को तैयार नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि यदि विपक्षी दल को अपनी प्रासंगिकता बचानी है, तो उसे निराधार आरोप लगाने और संस्थाओं पर हमला करने के बजाय जनता के बीच जाकर उनके मुद्दों के समाधान के लिए सकारात्मक कार्य करने चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि कांग्रेस ने अपना यह अड़ियल और नकारात्मक रुख नहीं बदला, तो आने वाले समय में उसका राजनीतिक जनाधार और तेजी से घटेगा।

हार के बाद बहाने ढूंढने का पुराना इतिहास: आत्ममंथन से भाग रही कांग्रेस

मुख्यमंत्री ने चुनाव परिणामों का विश्लेषण करते हुए कहा कि देश के किसी भी राज्य में जब कांग्रेस जीतती है, तब उसे चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रियाओं पर पूरा विश्वास रहता है, परंतु जैसे ही परिणाम उसके विपरीत आते हैं, वह पराजय का ठीकरा संस्थाओं के सिर फोड़ देती है। यह दोहरा मापदंड अब देश के सामान्य नागरिक भी भली-भांति समझने लगे हैं।

सीएम ने कहा कि सत्ता में लंबे समय तक रहने के कारण कांग्रेस पार्टी जनादेश को स्वीकार करने का धैर्य खो चुकी है। उन्होंने दोहराया कि राजस्थान की डबल इंजन सरकार पारदर्शी प्रशासन और जनकल्याण के संकल्प के साथ काम कर रही है, जबकि विपक्ष केवल भ्रामक मुद्दों के सहारे जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि देश और प्रदेश की जनता ऐसे नकारात्मक प्रयासों को हमेशा की तरह पूरी तरह दरकिनार करती रहेगी।