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April 05 2026 03:01 pm

Rajasthan Weather : मरुधरा में मार्च में मानसून जैसा मंजर जयपुर समेत 8 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि, 11 डिग्री तक लुढ़का पारा

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान में मार्च के महीने में मौसम ने ऐसा यू-टर्न लिया है कि लोग गर्मी भूलकर फिर से स्वेटर और जैकेट निकालने पर मजबूर हो गए हैं। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से प्रदेश के करीब 8 से अधिक जिलों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है। इस मौसमी बदलाव के कारण राजस्थान के कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से 9 से 11 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया है। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, यह स्थिति शनिवार (21 मार्च) तक बनी रह सकती है, जिसके बाद धीरे-धीरे आसमान साफ होने की संभावना है।

इन 8 जिलों में सबसे ज्यादा असर (Top Affected Districts)

मौसम विभाग ने उत्तर-पूर्वी और मध्य राजस्थान के जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया था। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की सूची इस प्रकार है:

जयपुर: राजधानी में शुक्रवार सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा, जिससे अधिकतम तापमान 30 डिग्री के नीचे पहुंच गया।

सीकर: शेखावाटी क्षेत्र में करीब 20 मिनट तक ओले गिरे, जिससे सड़कें सफेद चादर से ढकी नजर आईं।

अलवर: जिले के बानसूर और नारायणपुर क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई।

टोंक: यहाँ ओलों के कारण रबी की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचा है।

श्रीगंगानगर: मार्च के अंत में यहाँ घना कोहरा देखा गया, जिसने मौसम वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया। विजिबिलिटी 10 मीटर से कम रही।

बीकानेर: बीकानेर के नोखा में सबसे अधिक 25 mm बारिश दर्ज की गई।

धौलपुर: पूर्वी राजस्थान के इस जिले में भी मेघगर्जन के साथ तेज बौछारें पड़ीं।

अजमेर: यहाँ धूल भरी आंधी के बाद हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हुई।

तापमान का 'फ्री फॉल': मार्च में फरवरी वाली ठंड

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है:

गिरावट: बाड़मेर और जालौर जैसे गर्म जिलों में भी पारा 4 से 8 डिग्री तक गिर गया।

न्यूनतम तापमान: सिरोही में न्यूनतम तापमान 11.1°C दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है।

राहत और आफत: जहां शहरों में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं ग्रामीण इलाकों में ठंडी हवाओं ने दोबारा सर्दी का अहसास करा दिया है।

किसानों की चिंता: फसल खराबे का डर

बेमौसम की इस बारिश और ओलावृष्टि ने राजस्थान के किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।

खराब हुई फसलें: गेहूं, सरसों और चना की फसलें जो कटाई के अंतिम चरण में थीं, ओलों के कारण खेतों में बिछ गई हैं।

जीरा और ईसबगोल: पश्चिमी राजस्थान (जालौर-बाड़मेर) में जीरे की फसल को भी नुकसान की खबरें हैं।

प्रशासनिक आदेश: मुख्यमंत्री ने पहले ही प्रभावित जिलों में विशेष गिरदावरी (सर्वे) के आदेश दे दिए हैं ताकि किसानों को समय पर मुआवजा मिल सके।

अगले 24 घंटों का पूर्वानुमान (Weather Forecast)

मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार:

पश्चिमी विक्षोभ का निकास: शनिवार से सिस्टम का असर धीरे-धीरे कम होगा और पूर्वी राजस्थान (भरतपुर और जयपुर संभाग) में छिटपुट बारिश के बाद मौसम शुष्क होने लगेगा।

गर्मी की वापसी: रविवार (22 मार्च) से तापमान में फिर से बढ़ोतरी शुरू होगी और अगले सप्ताह के मध्य तक लू (Heatwave) जैसी स्थितियां दोबारा बन सकती हैं।