VHP Action in Rajasthan: लव जिहाद और धर्मांतरण के खिलाफ विहिप का बड़ा कदम, राजस्थान में 24x7 हेल्पलाइन नंबर जारी
News India Live, Digital Desk: राजस्थान में 'लव जिहाद' और कथित जबरन धर्मांतरण के मामलों को रोकने के लिए विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने एक बड़े अभियान का शंखनाद किया है। विहिप ने प्रदेश भर के लिए एक 24x7 हेल्पलाइन सेवा शुरू की है, जिसका उद्देश्य पीड़ित युवतियों और उनके परिवारों को तत्काल कानूनी, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करना है। संगठन का दावा है कि यह कदम उन परिवारों को सुरक्षा कवच प्रदान करेगा जो इस तरह के मामलों में खुद को असहाय महसूस करते हैं। जयपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में विहिप पदाधिकारियों ने इस 'सुरक्षा चक्र' के कार्यान्वयन की विस्तृत जानकारी साझा की।
हेल्पलाइन का 'वर्किंग मॉडल': कैसे मिलेगी मदद?
विहिप द्वारा जारी यह हेल्पलाइन केवल एक सूचना केंद्र नहीं, बल्कि एक त्वरित प्रतिक्रिया टीम (Quick Response Team) के रूप में कार्य करेगी:
टोल-फ्री नंबर: प्रदेश के किसी भी कोने से पीड़ित या उनके परिजन निर्धारित हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
कानूनी सेल: संगठन ने वकीलों की एक विशेष टीम तैयार की है जो एफआईआर (FIR) दर्ज कराने से लेकर अदालती कार्यवाही तक में मुफ्त विधिक सहायता प्रदान करेगी।
काउंसलिंग सेंटर: धर्मांतरण के जाल में फंसी या दबाव झेल रही युवतियों के लिए मनोचिकित्सकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा काउंसलिंग की व्यवस्था की गई है।
स्थानीय नेटवर्क: हर जिले और तहसील स्तर पर विहिप और 'बजरंग दल' के कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया गया है, जो सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर परिवार की मदद करेंगे।
विहिप का तर्क: "सामाजिक ताने-बाने की रक्षा"
विहिप के प्रादेशिक पदाधिकारियों का कहना है कि राजस्थान के कई जिलों, विशेषकर सीमावर्ती इलाकों और जनजातीय क्षेत्रों में धर्मांतरण की गतिविधियां बढ़ रही हैं।
जागरूकता अभियान: हेल्पलाइन के साथ-साथ विहिप 'शक्ति केंद्र' और 'सत्संग' के माध्यम से परिवारों को जागरूक करने के लिए पर्चे भी बांटेगा।
धोखाधड़ी पर वार: संगठन का आरोप है कि पहचान छिपाकर प्रेम जाल में फंसाने और फिर जबरन निकाह या धर्म परिवर्तन कराने के मामले समाज के लिए चिंता का विषय हैं।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
विहिप के इस कदम ने राजस्थान की राजनीति में भी नई बहस छेड़ दी है:
सत्ता पक्ष का रुख: भाजपा के कुछ नेताओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि नागरिक संगठनों को सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आगे आना चाहिए।
विपक्ष की आशंका: वहीं, विपक्षी दलों और नागरिक अधिकार समूहों ने चिंता जताई है कि इस तरह की हेल्पलाइन से समाज में ध्रुवीकरण बढ़ सकता है और व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप की संभावना पैदा हो सकती है।
प्रशासनिक रुख और कानून
राजस्थान में धर्मांतरण को लेकर पहले से ही कड़े कानून और पुलिस की 'एंटी-रोमियो स्क्वॉड' जैसी टीमें सक्रिय हैं। पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, किसी भी संगठन को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। यदि विहिप को कोई शिकायत मिलती है, तो उन्हें उसे अधिकृत पुलिस माध्यमों को सौंपना होगा।