बिहार का पहला LPG शवदाह गृह पटना में बनेगा आधुनिक मुक्तिधाम, मात्र 1 रुपये में मिली 2 एकड़ जमीन
News India Live, Digital Desk: बिहार की राजधानी पटना अब एक बड़े बदलाव का गवाह बनने जा रही है। पर्यावरण संरक्षण और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने के लिए पटना में प्रदेश का पहला LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) आधारित शवदाह गृह बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए कीमती 2 एकड़ जमीन महज 1 रुपये के सांकेतिक मूल्य पर अधिग्रहित की गई है। यह पहल न केवल बिहार के बुनियादी ढांचे में सुधार करेगी, बल्कि प्रदूषण कम करने की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगी।
मात्र 1 रुपये में जमीन: सरकार और नगर निगम का बड़ा फैसला
पटना नगर निगम और राज्य सरकार के बीच हुए एक विशेष समझौते के तहत इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन की व्यवस्था की गई है। शहर के बाहरी इलाके में स्थित 2 एकड़ की इस बेशकीमती जमीन को प्रशासन ने सिर्फ 1 रुपये में उपलब्ध कराया है ताकि जनहित के इस कार्य में कोई वित्तीय बाधा न आए। इस जमीन पर अत्याधुनिक सुविधाओं वाला एक परिसर विकसित किया जाएगा, जहां शोक संतप्त परिवारों को सभी जरूरी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
पर्यावरण के अनुकूल और किफायती विकल्प
पारंपरिक लकड़ी आधारित अंतिम संस्कार से भारी मात्रा में धुआं निकलता है और पेड़ों की कटाई होती है। वहीं, इलेक्ट्रिक शवदाह गृहों में अक्सर बिजली कटौती या तकनीकी खराबी की समस्या आती है।
LPG की खासियत: एलपीजी आधारित तकनीक लकड़ी के मुकाबले कहीं अधिक स्वच्छ और तेज है। इसमें अंतिम संस्कार की प्रक्रिया कम समय में पूरी होती है और वायु प्रदूषण न्यूनतम रहता है।
रखरखाव में आसान: इलेक्ट्रिक मशीनों की तुलना में गैस आधारित सिस्टम का रख-रखाव आसान और किफायती माना जाता है, जिससे नगर निगम पर भी आर्थिक बोझ कम पड़ेगा।
प्रोजेक्ट में क्या होगा खास?
इस आधुनिक मुक्तिधाम को केवल एक शवदाह गृह के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है:
पार्किंग और प्रतीक्षालय: शवयात्रा के साथ आने वाले लोगों के बैठने और गाड़ियों के लिए पर्याप्त जगह होगी।
हरियाली और पार्क: परिसर के चारों ओर वृक्षारोपण किया जाएगा ताकि वातावरण शांत और स्वच्छ रहे।
अस्थि विसर्जन केंद्र: यहां अस्थियों को सुरक्षित रखने और विसर्जन की प्रक्रिया के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
पटना की बढ़ती जरूरतों का समाधान
पटना की आबादी जिस तेजी से बढ़ रही है, उसे देखते हुए गंगा घाटों पर पारंपरिक शवदाह स्थलों पर दबाव काफी बढ़ गया है। इस नए LPG शवदाह गृह के बनने से घाटों पर भीड़ कम होगी और लोगों को अंतिम संस्कार के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिला प्रशासन के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा और अगले एक साल के भीतर इसे जनता के लिए समर्पित करने का लक्ष्य है।