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April 18 2026 07:02 am

राजस्थान रॉयल्स के डगआउट में फोन के पीछे की कहानी आई सामने, मैनेजर की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती

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News India Live, Digital Desk: आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी के रूप में सामने आया है। शुरुआत में जिस घटना को नियमों का उल्लंघन माना जा रहा था, उसके पीछे की मानवीय और दर्दनाक वजह ने सबको चौंका दिया है। राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर के फेफड़े अचानक काम करना बंद कर गए (Lungs Collapsed), जिसके कारण डगआउट में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

क्या था 'फोन विवाद'?

मैच के दौरान टीवी कैमरों ने राजस्थान रॉयल्स के डगआउट में बैठे टीम मैनेजर को मोबाइल फोन पर बात करते हुए कैद किया था। आईपीएल के भ्रष्टाचार विरोधी नियमों (ACU) के तहत डगआउट में किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरण का इस्तेमाल पूरी तरह वर्जित है। इस दृश्य के सामने आते ही सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया और मैच फिक्सिंग या बाहरी मदद जैसी अफवाहें उड़ने लगीं। बीसीसीआई के अधिकारियों ने भी तुरंत इस पर संज्ञान लिया था।

मैनेजर के दोनों फेफड़े हुए फेल

घटना के कुछ समय बाद टीम की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण आया, जिसने पूरे विवाद की दिशा ही बदल दी। बताया गया कि टीम मैनेजर को मैच के बीच में ही सांस लेने में भारी तकलीफ हुई और उनके दोनों फेफड़े बैठ (Collapse) गए थे। जिस समय उन्हें फोन पर देखा गया, वह असल में मेडिकल सहायता के लिए एम्बुलेंस और अस्पताल से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे। वह एक 'लाइफ-एंड-डेथ' स्थिति थी, जहां नियमों से ज्यादा जान बचाना जरूरी था।

अस्पताल में चल रहा है इलाज

मैनेजर को तुरंत हैदराबाद के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है। राजस्थान रॉयल्स के प्रवक्ता ने बताया, "यह एक अत्यंत गंभीर मेडिकल इमरजेंसी थी। मैनेजर की तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। हम इस कठिन समय में उनके और उनके परिवार के साथ खड़े हैं।" बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल इस मामले को मानवीय आधार पर शांत कर दिया है।

आईपीएल नियमों और मानवीय स्थिति पर बहस

इस घटना ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है कि क्या आपातकालीन स्थितियों में डगआउट में संचार की अनुमति होनी चाहिए। आमतौर पर डगआउट में केवल वॉकी-टॉकी की अनुमति होती है जिससे अस्पताल या मेडिकल टीम से संपर्क किया जा सकता है, लेकिन मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह बैन है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि जब किसी की जान दांव पर हो, तो मानवीय पहलू नियमों से ऊपर होता है। फिलहाल पूरी क्रिकेट बिरादरी मैनेजर के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रही है।