Rajasthan water Crisis : अब पानी बर्बाद किया तो सीधी होगी जेल ,राजस्थान ला रहा है अब तक का सबसे सख्त भूजल कानून
News India Live, Digital Desk: Rajasthan water Crisis : हम सब यह जानते हैं कि "जल ही जीवन है," लेकिन यह भी एक कड़वा सच है कि हम इसी जीवन को बड़ी तेजी से खत्म कर रहे हैं, खासकर जमीन के नीचे के पानी को। राजस्थान, जो पहले से ही पानी की कमी से जूझता रहा है, अब एक खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। हालत इतनी गंभीर है कि अब सरकार को एक ऐसा सख्त कानून लाना पड़ रहा है, जिसके तहत अवैध बोरिंग कराने या पानी बर्बाद करने पर आपको 5 लाख रुपये का जुर्माना और 6 महीने की जेल भी हो सकती है।
आखिर इतनी सख्ती की जरूरत क्यों पड़ी?
इसे आसान भाषा में समझिए। राजस्थान में जमीन को 302 हिस्सों (ब्लॉक्स) में बांटा गया है। इनमें से 219 ब्लॉक "अति-दोहित" यानी Over-exploited कैटेगरी में हैं। इसका मतलब यह है कि इन जगहों पर हम जमीन से जितना पानी निकाल रहे हैं, उतना पानी बारिश से वापस जमीन के अंदर जा ही नहीं रहा है। हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के हिस्से का पानी भी आज ही इस्तेमाल कर जा रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए अब "राजस्थान भूजल (प्रबंधन और विनियमन) विधेयक" का मसौदा तैयार किया जा रहा है।
क्या हैं इस नए और सख्त कानून के बड़े नियम?
यह कानून सिर्फ बोरवेल तक सीमित नहीं है, यह पानी के इस्तेमाल से जुड़ी हर आदत पर असर डालेगा।
- अवैध बोरिंग अब बड़ा अपराध: अभी तक बिना इजाजत बोरवेल खोदवाना एक छोटा-मोटा अपराध माना जाता था। लेकिन अब यह एक संज्ञेय अपराध होगा, जिसमें पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है। इसमें 6 महीने तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
- बोरिंग मशीन का रजिस्ट्रेशन जरूरी: राज्य में चलने वाली हर बोरिंग मशीन का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा, ताकि पता चल सके कि कौन, कहां और कितनी बोरिंग कर रहा है।
- पानी की बर्बादी पर जुर्माना: अगर आप पानी की कमी वाले इलाके में भूजल (Groundwater) से अपनी गाड़ी धोते हैं, घर का फर्श धोते हैं या स्विमिंग पूल भरते पकड़े गए, तो आप पर जुर्माना लगाया जाएगा।
- फैक्ट्री-होटल को चुकाना होगा पैसा: जो उद्योग, फैक्ट्री, होटल या कोई भी कमर्शियल संस्था जमीन से पानी निकालकर इस्तेमाल करेगी, उसे अब इसके लिए सरकार को पैसा चुकाना होगा। हालांकि, पीने, घरेलू काम और खेती के लिए पानी का इस्तेमाल पहले की तरह मुफ्त रहेगा।
- रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य: 300 वर्ग मीटर से बड़े किसी भी मकान या बिल्डिंग में बारिश के पानी को बचाने के लिए 'रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम' लगाना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर आपका पानी और बिजली का कनेक्शन भी काटा जा सकता है।
यह कानून शायद आज हमें बहुत सख्त लगे, लेकिन यह उस भविष्य को बचाने के लिए जरूरी है, जिसमें हमारे बच्चों को पीने के पानी के लिए न तरसना पड़े। यह सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हम सब की जिम्मेदारी है कि हम पानी की हर बूंद की कीमत को समझें।