राजस्थान बजट सत्र का आगाज़ 11 फरवरी को आएगा बजट, डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट पर विधानसभा में आर-पार के आसार

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान की 16वीं विधानसभा के पांचवें सत्र (बजट सत्र) का बिगुल बज चुका है। बुधवार सुबह 11 बजे राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के अभिभाषण के साथ सदन की कार्यवाही शुरू होगी। यह सत्र केवल बजट पेश करने तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे वार-पलटवार का गवाह बनेगा। जहां सरकार विकास का रोडमैप पेश करने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष ने सरकार को 16 से अधिक मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार कर ली है।

विधानसभा का शिड्यूल: कब क्या होगा?

सत्र की शुरुआत राज्यपाल के संबोधन से होगी, जिसके बाद 29 जनवरी से उनके अभिभाषण पर बहस शुरू होगी। यह चर्चा 3-4 दिनों तक चल सकती है। सबसे महत्वपूर्ण तारीख 11 फरवरी तय की गई है, जब भजनलाल सरकार अपना वार्षिक बजट सदन के पटल पर रखेगी। करीब तीन सप्ताह तक चलने वाले इस सत्र में प्रदेश की आर्थिक और प्रशासनिक दिशा तय की जाएगी।

इन मुद्दों पर मचेगा घमासान: विपक्ष के तेवर सख्त

सत्र के हंगामेदार रहने के पीछे 'डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट' सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस बिल पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा:

"सरकार इस बिल के जरिए राजस्थान की शांतिपूर्ण छवि को धूमिल करना चाहती है। हम सदन में सरकार से इसके पीछे की मंशा पर जवाब मांगेंगे।"

इसके अलावा, नगरीय निकाय और पंचायती राज चुनावों से जुड़े नए विधेयकों पर भी सदन में रार देखने को मिल सकती है।

सर्वदलीय बैठक: मर्यादा और जवाबदेही पर जोर

सत्र से एक दिन पहले विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रश्नकाल और शून्यकाल में व्यवधान नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विधायकों द्वारा पूछे गए हर सवाल का समय पर जवाब सुनिश्चित किया जाए।

जवाबदेही: अध्यक्ष ने बताया कि अब तक 96% प्रश्नों के जवाब मिल चुके हैं।

मर्यादा: सदन में सम्मानजनक भाषा के प्रयोग पर सभी दलों ने सहमति जताई है।

विपक्ष के मुख्य सचेतक रफीक खान और अन्य विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि जनहित के मुद्दों पर सरकार 'सुविधा' के अनुसार नहीं, बल्कि 'अनिवार्य' रूप से जवाब दे।

पहले दिन की कार्यसूची: श्रद्धांजलि और रणनीति

बुधवार को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन में दिवंगत जनप्रतिनिधियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिसके बाद कार्यवाही स्थगित होगी। शाम 7 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें आगामी दिनों के लिए 'चक्रव्यूह' तैयार किया जाएगा। कार्य सलाहकार समिति (BAC) की बैठक में पूरे सत्र के आधिकारिक एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाएगा।