Rajasthan Assembly : हजारों लड़कियां भाग रहीं, चार बच्चों की मां भी फरार कांग्रेस विधायक नरेंद्र बुडानिया का विधानसभा में छलका दर्द

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News India Live, Digital Desk : राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक नरेंद्र बुडानिया ने प्रदेश में सामाजिक ताने-बाने के टूटने और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज राजस्थान में हजारों लड़कियां घर छोड़कर भाग रही हैं और कई मामलों में तो चार बच्चों की मां भी अपने प्रेमी के साथ फरार हो रही है। इस बयान ने सदन में सन्नाटा खींच दिया और समाज में बढ़ती इस विकृति पर आत्ममंथन की अपील की।

1. विधायक बुडानिया के बयान की 3 बड़ी बातें

नरेंद्र बुडानिया ने सदन में कुछ ऐसी घटनाओं का जिक्र किया जो किसी भी परिवार के लिए बेहद घातक हैं:

माता-पिता का तिरस्कार: "जब पुलिस भागी हुई लड़कियों को ढूंढकर वापस लाती है और वे कोर्ट या थाने में अपने सगे मां-बाप को पहचानने से ही इनकार कर देती हैं, तो उस पिता पर क्या गुजरती होगी? एक बेटी अगर अपने मां-बाप से कहे कि 'मैं तुम्हें नहीं पहचानती', तो इससे बड़ी मरण की बात क्या हो सकती है?"

आत्महत्या की घटनाएं: उन्होंने बताया कि एक बेटी के इस तरह के व्यवहार से आहत होकर एक पिता ने आत्महत्या कर ली। समाज में ऐसे हालात बन रहे हैं कि लोग लोक-लाज के भय से जान दे रहे हैं।

बढ़ती घटनाएं: बुडानिया ने दावा किया कि यह समस्या केवल कुछ जिलों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में हजारों की संख्या में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जिन पर पुलिस और समाज दोनों को गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

2. पुलिस और कानून व्यवस्था पर सवाल

विपक्ष ने इस मुद्दे के बहाने भाजपा सरकार की कानून व्यवस्था को भी घेरा:

जांच की मांग: नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली ने इन घटनाओं के पीछे किसी संगठित गिरोह या साजिश की संभावना जताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

संवेदनशीलता: बुडानिया ने कहा कि ऐसी घटनाओं में पुलिस को भी अधिक संवेदनशीलता बरतने की जरूरत है ताकि परिवारों को टूटने से बचाया जा सके।

3. सदन में अन्य मुद्दों पर भी हुआ हंगामा

विधानसभा में केवल सामाजिक मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि चुनावी सुधारों को लेकर भी तीखी बहस हुई:

वोटर लिस्ट में धांधली (SIR): कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने आरोप लगाया कि 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के नाम पर मकबूलपुरा और मकराना जैसे इलाकों में फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।

शिक्षा की बदहाली: टीका राम जूली ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में स्कूल भवनों की हालत इतनी जर्जर है कि कई स्कूल 'मुर्गी फार्म' और 'मंदिरों' में चल रहे हैं। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जवाब में कहा कि जर्जर भवनों को जल्द ही जमींदोज कर नया निर्माण कराया जाएगा।

4. कार्यवाही 3 फरवरी तक स्थगित

लगातार हंगामे और गर्मागर्म बहस के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन की कार्यवाही 3 फरवरी 2026 की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी है। 31 जनवरी से 2 फरवरी तक विधानसभा की छुट्टी रहेगी।

 क्या आधुनिकता समाज पर भारी पड़ रही है?

नरेंद्र बुडानिया के इस बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल और सोशल मीडिया के दौर में परिवारों के बीच संवाद की कमी और नैतिक मूल्यों का ह्रास इन घटनाओं का बड़ा कारण है। विधानसभा में इस तरह के 'अपरंपरागत' मुद्दों का उठना यह दर्शाता है कि अब जनप्रतिनिधि भी सामाजिक बदलावों से चिंतित हैं।

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