Rajasthan Administrative : भ्रष्टाचार पर भजनलाल सरकार का बड़ा चाबुक, 13 अफसरों पर गिरी गाज, कई होंगे नौकरी से बर्खास्त

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News India Live, Digital Desk : राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने भ्रष्टाचार और काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। एक उच्च-स्तरीय बैठक में "ज़ीरो टॉलरेंस" की नीति पर अमल करते हुए सरकार ने 13 अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला किया है। इनमें से कई अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति (compulsory retirement) देने से लेकर सेवा से बर्खास्त (dismiss) करने तक की कार्रवाई की जाएगी।

कौन-कौन हैं इस लिस्ट में शामिल?

सरकार के इस एक्शन की जद में पुलिस, प्रशासन, चिकित्सा, और राजस्व विभाग के बड़े अधिकारी और कर्मचारी आए हैं। जिन 13 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया गया है, उनमें शामिल हैं:

  • एक राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के अधिकारी
  • एक राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) के अधिकारी
  • पुलिस विभाग के 2 इंस्पेक्टर और 1 सब-इंस्पेक्टर
  • राजस्व विभाग के 3 अधिकारी
  • परिवहन और चिकित्सा विभाग के 1-1 अधिकारी
  • 2 इंजीनियर और 1 अन्य कर्मचारी

क्यों की गई यह कार्रवाई?

इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, रिश्वत मांगने और अपने काम में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप थे। कई मामलों में इन अधिकारियों के खिलाफ एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) में केस भी दर्ज हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साफ निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी नीति के तहत, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी एक स्क्रीनिंग कमेटी ने इन मामलों की समीक्षा की। कमेटी ने पाया कि इन अधिकारियों का रिकॉर्ड बेहद खराब है और जनता के बीच सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। इसके बाद इन पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।

भ्रष्ट अधिकारियों को कड़ा संदेश

सरकार के इस कदम को प्रदेश के bureaucratic गलियारों में एक बड़े और कड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। यह साफ करता है कि नई सरकार सुशासन और पारदर्शी प्रशासन को लेकर कितनी गंभीर है। बैठक में यह भी तय किया गया कि भविष्य में भी ऐसे मामलों की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

इस फैसले से उन ईमानदार अधिकारियों का मनोबल भी बढ़ेगा जो पूरी लगन और निष्ठा के साथ अपना काम करते हैं।