सिर्फ रन नहीं सब्र का इम्तिहान लेते थे राहुल द्रविड़, जन्मदिन पर जानिए द वॉलके वो 5 कारनामे
News India Live, Digital Desk: भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई सितारे आए और गए, जिन्होंने अपने छक्कों और शतकों से महफ़िल लूटी। लेकिन एक खिलाड़ी ऐसा था, जिसकी मौजूदगी ही टीम इंडिया के लिए सुरक्षा की गारंटी थी। जी हां, हम बात कर रहे हैं 'द वॉल' यानी राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) की। आज उनका जन्मदिन है और यह सही मौका है उन रिकॉर्ड्स को याद करने का, जो शायद आने वाले कई दशकों तक नहीं टूटेंगे।
जब द्रविड़ क्रीज पर खड़े हो जाते थे, तो बड़े से बड़ा गेंदबाज भी पसीने छोड़ देता था। आज आपको उनके करियर के 5 ऐसे ही कमाल के रिकॉर्ड्स के बारे में बताते हैं।
1. गेंदों का सामना करने का 'विश्व रिकॉर्ड'
आजकल टी-20 का ज़माना है जहां बल्लेबाज हर गेंद पर रन बनाना चाहता है, लेकिन द्रविड़ अलग मिट्टी के बने थे। टेस्ट क्रिकेट इतिहास में राहुल द्रविड़ इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने अपने करियर में 31,258 गेंदों का सामना किया है। जी हां, 31 हजार से ज्यादा गेंदे! उनके बाद सचिन तेंदुलकर का नंबर आता है, लेकिन द्रविड़ का यह संयम और एकाग्रता वाकई अद्भुत थी। यही वजह है कि उन्हें 'दीवार' कहा गया—जिसे भेदना नामुमकिन था।
2. क्रीज पर बिताया गया सबसे ज्यादा वक्त
रन बनाना एक बात है, लेकिन क्रीज पर खूंटा गाड़कर खड़े रहना दूसरी बात। राहुल द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट में 44,152 मिनट क्रीज पर बिताए हैं। अगर हिसाब लगाएं तो यह लगभग 735 घंटे से भी ज्यादा है। यह एक ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड है जो बताता है कि द्रविड़ के लिए पिच उनका दूसरा घर था। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से गेंदबाजों को सिर्फ हराया नहीं, बल्कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से थका दिया।
3. सबसे सुरक्षित हाथ (कैच का रिकॉर्ड)
हम अक्सर उनकी बैटिंग की बात करते हैं, लेकिन द्रविड़ एक शानदार फील्डर भी थे, खासकर स्लिप (Slip) में। विकेटकीपर न होते हुए भी, टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच पकड़ने का रिकॉर्ड आज भी राहुल द्रविड़ के नाम है। उन्होंने 164 मैचों में 210 कैच लपके हैं। उनकी एकाग्रता सिर्फ बैटिंग में ही नहीं, बल्कि फील्डिंग में भी कमाल की थी।
4. नंबर 3 के बेताज बादशाह
नंबर 3 की पोजीशन बैटिंग में सबसे मुश्किल मानी जाती है क्योंकि अक्सर ओपनर जल्दी आउट हो जाता है और आपको नई गेंद का सामना करना पड़ता है। द्रविड़ ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। वह दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं जिन्होंने नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए 10,000 से ज्यादा रन बनाए हैं। रिकी पोंटिंग और कुमार संगकारा जैसे दिग्गज भी उनके बाद आते हैं।
5. साझेदारियों के 'मैन'
द्रविड़ की एक खासियत थी कि वो जिसके साथ खेलते थे, उसे भी बेहतर बना देते थे। टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा पार्टनरशिप रन्स (साझेदारी के रन) में उनका बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर रिकॉर्ड साझेदारियां कीं। उन्होंने अपने करियर में 32,000 से ज्यादा रन साझेदारियों में बनाए, जो दिखाता है कि वो टीम मैन थे, जिन्हें व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा टीम की स्थिति की चिंता होती थी।
आज राहुल द्रविड़ के जन्मदिन पर, एक क्रिकेट प्रेमी के तौर पर हमें उनका शुक्रिया अदा करना चाहिए उन यादों के लिए और उन पारियों के लिए, जिन्होंने टीम इंडिया को विदेशी धरती पर भी सिर उठाकर जीना सिखाया।